नयी दिल्ली: कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि भारत की आर्थिक प्रगति की कहानी में कई गंभीर कमियां हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वीकार नहीं कर रहे हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि सभी आय वर्गों में खपत मजबूत नहीं है, निजी निवेश में कोई उछाल नहीं है और वास्तविक मजदूरी लगातार घट रही है।
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “तिमाही जीडीपी के सुर्खियां बटोरने वाले आंकड़े, उनकी खामियों को नजरअंदाज कर, सत्ताधारी खेमे को कुछ समय के लिए खुश कर सकते हैं। लेकिन भारत की आर्थिक प्रगति की गाथा में कई गंभीर कमियां हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री और उनकी वाहवाही करने वालों की टोली स्वीकार ही नहीं कर रही है। न तो सभी आय वर्गों में खपत मजबूत है और न ही निजी निवेश में कोई उछाल है।
वास्तविक मजदूरी लगातार घट रही है।” उन्होंने सितंबर, 2025 में जीएसटी दरों में की गई कटौती का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे ‘परिवर्तनकारी’ बताया गया था, जबकि यह कटौती लंबे समय से लंबित थी और इसे ‘जादू की छड़ी’ की तरह पेश करना अतिशयोक्ति थी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि खपत बढ़ाने के लिहाज से जीएसटी दरों में कटौती का असर मिला-जुला रहा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आॅटोमोबाइल बिक्री को इसका लाभ मिला, जबकि कपड़ों की बिक्री पर इसका वैसा असर नहीं पड़ा।
रमेश ने दावा किया कि अब तेजी से बढ़ती महंगाई के कारण विभिन्न वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती का प्रभाव भी कम होता जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा “कई उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें एक साल के भीतर जीएसटी कटौती से पहले के स्तर पर वापस आ गई हैं, जबकि खपत में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है।” रमेश ने कहा कि जीडीपी के तिमाही आंकड़ों को लेकर उत्साह के बावजूद अर्थव्यवस्था में खपत और निवेश से जुड़े सवाल बने हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि वास्तविक मजदूरी में गिरावट भी ंिचता का विषय है।