OPINION : यूक्रेन अमरीका के साथ आया, राष्ट्रपति जेलेंस्की बोले- भारत पर 100% टैरिफ बिल शांति और सुरक्षा लाएगा, भारत बोला : युद्ध रूकवाने हम तैयार

Author: Navabharat News Group
UPDATED: Tue, 22 Sep 2026 08:51 PM
OPINION : यूक्रेन अमरीका के साथ आया, राष्ट्रपति जेलेंस्की बोले- भारत पर 100% टैरिफ बिल शांति और सुरक्षा लाएगा, भारत बोला : युद्ध रूकवाने हम तैयार

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राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अभी अमरीका में हैं। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए अमेरिका पहुंचे हैं। ज़ेलेंस्की ने अपने अमेरिकी दौरे की शुरुआत उन अमेरिकी सीनेटरों से मिलकर की, जिन्होंने लिंडसे ग्राहम के प्रतिबंध बिल का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला बिल ‘शांति और सुरक्षा’ लाएगा। जेलेंस्की ने इसे अमेरिका का सही कदम बताया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में मदद के लिए भारत तैयार है. रूस को भी इस पर ऐतराज नहीं. 

ज़ेलेंस्की के इस समर्थन में उनका दोहरा रवैया साफ नजर आता है। एक तरफ वह भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहते हैं कि युद्ध रुकवाने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है। दूसरी ओर वह टैरिफ की वकालत कर रहे हैं। रूस से तेल और गैस के बड़े खरीददार देशों पर अमरीका ने 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया है।

अमरीका के साथ क्यों गए जेलेंस्की

अमेरीकी राष्ट्रपति ट्रंप से भी जेलेंस्की की मुलाकात होनी है। समझा जा रहा है कि वे अमरीका से युद्ध के लिए रसद यानि हथियारों की मांग कर सकते है। इसके अलावा संघर्ष कम करने और शांति वार्ता पर चर्चा होनी है। यह बयान दर्शाता है कि अमरीका से हथियार पाने के बदले जेलेंस्की अमरीका के साथ खड़े हो गए है। बतला दें कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए अमेरिका पहुंचे हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी डीजल इंडस्ट्री को लेकर बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि युद्ध के कारण रूस ने अपने डीजल ऑयल इंडस्ट्री पर नियंत्रण खो दिया है. उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने की अपील करते हुए एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की मांग की.

रूस ने दागी क्रूज मिसाइलें

दूसरी ओर आज ही रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों की बौछार कर दी है। कीव से मिले फुटेज में हमले की भयावहता साफ झलकती है। यूक्रेन को लेकर रूस का बड़ा बयान आया है जिसमें उसने कहा है कि यूक्रेन की हालत लगातार बिगड़ रही है।

लंबे समय से चला आ रहा रूस-यूक्रेन युद्ध क्या रुक सकता है और अगर ऐसा होता है तो भारत की इसमें क्या भूमिका हो सकती है. हालांकि, रूस और यूक्रेन के बीच अब भी कड़े मतभेद हैं, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दोनों बातचीत की टेबल पर आ सकते हैं.

यूक्रेन को साधकर अमरीका रूस और भारत पर दबाव बनाना चाहता है। एक तो अमरीका युद्ध में युक्रेन को हथियार सप्लाई कर सकता है तो दूसरी ओर उसकी विशाल प्राकृतिक संपदा पर भी कुत्सित नजरें गड़ाए हुए है।

क्या भारत ला सकता है शांति?

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की कभी भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहते हैं कि युद्ध रुकवाने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है। दूसरी ओर वह टैरिफ की वकालत कर रहे हैं।

रूस चाहता है कि यूक्रेन तटस्थ रहे और NATO से दूरी बनाए रखें, जबकि यूक्रेन अपनी सुरक्षा और पश्चिमी सहयोग को जरूरी मानता है. इसलिए दोनों की स्थायी शांति को लेकर सोच जुदा है. बातचीत बढ़ने के बावजूद अब भी दोनों के लिए युद्ध दबाव बनाने का मुख्य साधन है. भारत के लिहाज से देखें तो यह स्थिति चुनौती और अवसर, दोनों है.

पिछले दिनों यूक्रेन दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में मदद के लिए भारत तैयार है. रूस को भी इस पर ऐतराज नहीं. नई दिल्ली ने मॉस्को और कीव, दोनों से संपर्क बनाए रखा है. इससे उसे दोनों पक्षों तक पहुंच और संवाद में भूमिका निभाने की गुंजाइश मिलती है.

रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच कूटनीतिक गतिविधियां अब तेज हो रही हैं. लंबे समय से युद्ध में सेना हावी थी, लेकिन अमेरिका की सक्रियता से बातचीत की थोड़ी गुंजाइश बनी है. हालांकि, इसे जल्द शांति समझौते का संकेत मानना भी ठीक नहीं होगा. रूस और यूक्रेन के बीच मतभेद अब भी गहरे हैं.

पिछली मुलाकात में ट्रम्प और जेलेंस्की…

रिपोर्टर ज़ेलेंस्की को- आप सूट में शानदार लग रहे हैं

ट्रंप – मैंने भी यही कहा…वैसे ये वही रिपोर्टर हैं जिन्होंने पिछली बार सूट ना पहनने पर आलोचना की थी

रिपोर्टर- उसके लिए मैं माफ़ी माँगता हूँ।

नवभारत रिसर्च

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