Mahadev Betting App: पुलिस और नेताओं की मिलीभगत से अब भी चल रहा महादेव सट्टा ऐप, ईडी का दावा
10 साल में 94,400 करोड़ रुपए की अवैध कमाई का अनुमान, मुख्य प्लेटफॉर्म अब भी सक्रिय
ईडी ने कोर्ट को बताया- बड़ी संख्या में पैनल चल रहे, 14 गिरफ्तार और 2,104 करोड़ की संपत्ति जब्त
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक और उससे जुड़ी वेबसाइटों ने पिछले 10 साल में कथित तौर पर 94,400 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित आय जुटाई है। ईडी ने कहा कि मुख्य प्लेटफॉर्म अभी भी संचालित हो रहा है और बड़ी संख्या में पैनल चल रहे हैं।
ईडी ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में महादेव ऐप का व्यवस्थित संचालन स्थानीय पुलिस और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों के ‘सक्रिय सहयोग और मिलीभगत’ से हो रहा है। एजेंसी के मुताबिक, आरोपपत्र में नौकरशाहों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों को सट्टेबाजी नेटवर्क की अनदेखी के बदले कथित तौर पर अवैध भुगतान किए जाने की बात भी कही गई है।
छठे आरोपपत्र में 42 लोग और कंपनियां आरोपी
ईडी ने रायपुर की विशेष अदालत में दाखिल अपने छठे आरोपपत्र में कुल 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया है। एजेंसी के अनुसार, महादेव ऐप के मुख्य प्रवर्तक और पैनल सदस्य छत्तीसगढ़ से जुड़े हैं। यह ऐप विदेशों में स्थित सर्वर से संचालित सट्टेबाजी वेबसाइटों के नेटवर्क के रूप में काम करता है।
ईडी ने छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज सात एफआईआर के आधार पर अक्टूबर 2022 में पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था।
2019 से 80 हजार करोड़ तक की अपराध आय
ईडी के मुताबिक, 2019 से पिछले सात वर्षों में महादेव ऐप के जरिए अपराध से अर्जित आय का अनुमान 75,000 से 80,000 करोड़ रुपए है।
महादेव से जुड़ी वेबसाइट स्काईएक्सचेंज डॉट कॉम ने कथित तौर पर 11,000 से 12,000 करोड़ रुपए और लोटस365 डॉट कॉम ने करीब 2,400 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित आय जुटाई। स्काईएक्सचेंज वर्ष 2016 से संचालित होने की बात कही गई है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े शुरुआती अनुमान हैं। आगे बेहतर साक्ष्य मिलने पर आय का संशोधित अनुमान अदालत के सामने रखा जाएगा।
लाइव गेम्स की आड़ में सट्टेबाजी
ईडी के अनुसार, ऐप पर पोकर, कार्ड और चांस गेम के अलावा क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस और फुटबॉल जैसे लाइव खेलों पर सट्टेबाजी की सुविधा उपलब्ध है। तीन पत्ती, ड्रैगन टाइगर और वर्चुअल क्रिकेट जैसे गेम भी इसमें शामिल हैं। एजेंसी ने भारत में चुनावों पर सट्टा लगाने वाले ऐप उपलब्ध होने का भी दावा किया है।
पैनल संचालकों ने कमाए 60 करोड़ तक
ईडी ने बताया कि पैनल संचालक भिलाई, रायपुर, भोपाल और दिल्ली जैसे शहरों से जुड़े हैं। उनके द्वारा कथित तौर पर 3.5 करोड़ से 60 करोड़ रुपए तक कमाने और इस रकम से शादी, जमीन-मकान, सोना, कार और महंगी साड़ियां खरीदने की बात सामने आई है।
जांच में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 2,104 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त व कुर्क की गई है। छह आरोपपत्रों में 116 आरोपियों का उल्लेख है और देशभर में 190 स्थानों पर तलाशी ली गई है।
ईडी के ये दावे अदालत में दाखिल आरोपपत्र और जांच के निष्कर्षों पर आधारित हैं। मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अदालत की कार्यवाही के बाद सामने आएगा।