छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके 18 वर्षीय बेटे सुजल की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस हत्या के कारणों और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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सूरजपुर में मां-बेटे की मौत से जुड़ा मामला, दो जगह मिले शव
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक शिक्षिका और उनके 18 वर्षीय बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जयनगर थाना क्षेत्र के महावीरपुर में 10 अक्टूबर 2026 को छात्र सुजल बरेठ का शव मिला। इसके बाद पुलिस ने बिश्रामपुर के केशवनगर स्थित उसके घर की जांच की, जहां उसकी मां रजनी बरेठ भी मृत पाई गईं।
रजनी बरेठ सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं, जबकि उनका बेटा कक्षा 12वीं में पढ़ता था। दोनों किराए के मकान में रहते थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्यों और परिचितों का मां-बेटे से संपर्क नहीं हो पा रहा था। दोनों के शव अलग-अलग स्थानों पर मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है।
महावीरपुर में मिला 18 वर्षीय छात्र का शव
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह महावीरपुर में कालीघाट के पास मुख्य मार्ग के नजदीक एक युवक का शव मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। बाद में युवक की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई। वह बिश्रामपुर के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था।
मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस उसके परिवार तक पहुंची। जांच के दौरान मां रजनी बरेठ के बारे में भी जानकारी जुटाई गई। इसी क्रम में पुलिस उनके किराए के मकान तक पहुंची, जहां दूसरा शव मिलने से मामला और गंभीर हो गया।
घर का ताला खुलने पर मिली शिक्षिका रजनी बरेठ की लाश
सुजल की पहचान होने के बाद पुलिस उसके परिजनों के साथ केशवनगर स्थित ममता कॉलोनी पहुंची। यहां रजनी बरेठ किराए के मकान में रहती थीं। रिपोर्टों के अनुसार, घर के दरवाजे पर ताला लगा हुआ था।
पुलिस ने ताला खुलवाकर अंदर जांच की तो रजनी बरेठ का शव मिला। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और आगे की जांच शुरू की।
रजनी बरेठ बेलटिकरी के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। वह अपने बेटे के साथ सूरजपुर जिले में रहती थीं। मां और बेटे की अलग-अलग जगहों पर मौत होने से पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि दोनों घटनाओं के बीच क्या संबंद था।
जांच में इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है
दोनों की मौत का समय: यह पता लगाना जरूरी है कि मां औरबेटे की मौत कब हुई।
शव मिलने की परिस्थितियां: छात्र क शव घर से दूर कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही
घर पर लगा ताला: मकान बंद होने की परिस्थितियों और ताला किसने स्सा है।
- मोबाइल और अन्य साक्ष्य: मां-बेटे के संपर्कों तथा उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल से घटनाक्रम स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत के कारण और चोटों की प्रकृति से जुड़े निष्कर्षों के लिए मेडिकल रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
इन बिंदुओं की जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
मां-बेटे से संपर्क टूटने के बाद सामने आया मामला
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मां-बेटे से संपर्क नहीं होने के कारण परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। रजनी बरेठ के स्कूल नहीं पहुंचने और फोन पर संपर्क नहीं हो पाने से भी चिंता बढ़ी।