जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी बीच कैंपस की दीवारों पर विवादित नारे लिखे जाने से विश्वविद्यालय का माहौल गरमा गया है। जामिया कुलपति ने इस मामले पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।
विवादित नारों पर प्रशासन की कार्रवाई
जामिया के एक अधिकारी ने परिसर में विवादित नारे लिखने वालों की निंदा की। प्रशासन ने दीवारों से नारे केमिकल के जरिए साफ करने का काम शुरू कर दिया है। जहां नारे लिखे गए हैं, वहां सीसीटीवी कैमरों की तारें भी तोड़ी गई पाई गईं। प्रशासन नारे लिखने वालों की पहचान में जुटा है और पहचान होने पर उचित कार्रवाई की बात कही गई है।
आंदोलनकारी छात्रों का पक्ष
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र रिहान हैदर ने कहा कि असामाजिक तत्वों ने दीवारों पर विवादित नारे लिखे हैं। उन्होंने इसे आंदोलन को बदनाम करने की साजिश बताया और इसकी निंदा की। यह छात्रों का पक्ष है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या हैं छात्रों की मांगें?
छात्र 12 अक्तूबर से छात्र संघ चुनाव बहाली सहित कई मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। प्रशासन ने चुनाव बहाली के लिए नए सिरे से संविधान बनाने को लेकर समिति गठित की है, लेकिन आंदोलनकारी छात्र चुनाव कार्यक्रम जारी करने की मांग पर अड़े हैं। शुक्रवार शाम को प्रशासन की समिति ने छात्रों की मांगों पर दोबारा बातचीत शुरू की। कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दो सांसद हिरासत में, बाद में छोड़े गए
शुक्रवार को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का परिसर में दीवार पर सीढ़ी लगाकर दाखिल होने का वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जामिया प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचे सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। कुछ देर बाद दोनों सांसदों और उनके समर्थकों को छोड़ दिया गया।
एबीवीपी की कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विवादित नारों और कथित देशविरोधी लेखन के मामलों में कार्रवाई की मांग की है। इन आरोपों के ब्योरे की आधिकारिक पुष्टि लेख में नहीं है।