लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र के नौबस्ता में बाउंड्री वॉल विवाद के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गोली लगने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल है। सिपाही कार्तिक ने आरोपी ऋषभ शुक्ला को असलहे सहित पकड़ लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतकों की आधिकारिक पहचान की पुष्टि बाकी है।
सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता में सोमवार सुबह हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विवाद बरगद के पेड़ के पास बन रही बाउंड्री वॉल को लेकर शुरू हुआ था। हालांकि, पुलिस के अनुसार, कहासुनी की वजह गाड़ी खड़ी करने का विवाद भी बताई गई है। घटना में जान गंवाने वालों में शिवाजी तिवारी, उनके बेटे सुयश तिवारी और शिवाजी के भाई शंभू तिवारी बताए गए हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं
शिवाजी तिवारी (60) शक्ति भवन से स्टेनो के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका बेटा सुयश तिवारी (30) नौबस्ता में घर के पास इलेक्ट्रिक की दुकान चलाता था। वह वैवाहिक कार्यक्रमों में लाइट लगाने का ठेका भी लेता था। परिवार के मुताबिक, सुयश का जनेऊ संस्कार 20 नवंबर, तिलक 21 नवंबर और शादी 5 दिसंबर को होनी थी। घटना के बाद परिवार में खुशियों की तैयारियां मातम में बदल गईं।
शंभू तिवारी (55), शिवाजी तिवारी के भाई थे और लखनऊ विश्वविद्यालय में बड़े बाबू के पद पर कार्यरत थे। परिवार की जानकारी के अनुसार, शिवाजी की पत्नी का नाम उषा है और उनका इकलौता बेटा सुयश था। शंभू तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी हैं और उनकी बेटी सुमेधा है।
बरगद के पेड़ की बाउंड्री वॉल को लेकर विवाद
परिजनों का कहना है कि नौबस्ता में एक बरगद का पेड़ है, जहां वट सावित्री की वार्षिक पूजा होती है। पेड़ के आसपास नगर निगम की ओर से सभासद के माध्यम से करीब एक महीने से बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा था। परिवार के मुताबिक, ऋषभ शुक्ला और उसके परिजन इस निर्माण का विरोध कर रहे थे। पहले भी इस मुद्दे पर विवाद हुआ था, लेकिन सभासद के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:40 बजे शंभू तिवारी बरगद के पेड़ के पास बैठकर पूजा कर रहे थे। इसी दौरान ऋषभ शुक्ला वहां पहुंचा और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के अन्य लोग भी वहां आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि इसी दौरान ऋषभ के चाचा राजेश शुक्ला ने लाठी से वार किया, जबकि ऋषभ घर से पिस्टल लेकर आया और कई राउंड फायरिंग की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब 10 से 12 गोलियां चलाई गईं। इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।