ब्रिटानिया को झटका: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला कंपनी की ‘100% होल वीट ब्रेड’ के विज्ञापन से जुड़ा है, जिसे प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला पाया। मुख्य आयुक्त निधि खरे की अध्यक्षता वाली अथॉरिटी ने कंपनी को यह विज्ञापन सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने और 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। पैक्ड फूड उद्योग में विज्ञापनों की सच्चाई और उपभोक्ता अधिकारों के लिहाज़ से इस फ़ैसले को अहम माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट के मुताबिक, नियामक ने इस मामले में खुद संज्ञान लेकर जांच शुरू की थी। जांच में पाया गया कि कंपनी अपने विज्ञापनों में ब्रेड को ‘100% होल वीट’ बताकर प्रचारित कर रही थी, जबकि पैकेट के पीछे दी गई सामग्री की सूची में गेहूं के आटे की मात्रा सिर्फ़ 62 प्रतिशत दर्ज थी। बाकी 38 प्रतिशत में राइस ब्रान (चावल की भूसी) और अन्य सामग्री थी।
जांच में क्या सामने आया
जांच के दौरान ब्रिटानिया ने स्वीकार किया कि उसकी इस ब्रेड में गेहूं का आटा 62 प्रतिशत ही है। कंपनी ने दलील दी कि विज्ञापन में ‘100%’ शब्द उत्पाद की पौष्टिकता बताने के लिए इस्तेमाल किया गया था। सीसीपीए ने इस तर्क को खारिज कर दिया। प्राधिकरण का कहना है कि जब विज्ञापन में 100 प्रतिशत जैसा पूर्ण संख्यात्मक दावा किया जाता है, तो उपभोक्ता यही मानते हैं कि उत्पाद में कोई और सामग्री नहीं है।
कानून के तहत क्यों भ्रामक
आदेश के अनुसार, खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 में ‘होल वीट’ शब्द के आगे ‘100%’ लगाने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। सीसीपीए ने निष्कर्ष निकाला कि उत्पाद को इस तरह ‘100% होल वीट’ बताना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन है और यह भ्रामक विज्ञापन व अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
ब्रिटानिया को क्या निर्देश मिले
- प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया समेत सभी प्लेटफॉर्म से यह विज्ञापन तुरंत हटाया जाए।
- आदेश के पालन की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर जमा की जाए।
- एक लाख रुपये का जुर्माना भरा जाए।
उपभोक्ता क्या ध्यान रखें
पैकेज्ड फूड खरीदते समय सिर्फ़ आगे लिखे दावों पर भरोसा न करें। पैकेट के पीछे दी गई सामग्री की सूची और उसमें हर चीज़ की मात्रा ज़रूर पढ़ें।