नयी दिल्ली. अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध रूप से भूखंड बेचने और उन पर निर्माण कार्य कराने वाले 40 लोगों की सूची जारी किए जाने के बाद कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि ‘भूमि घोटाले’ के मामले में उच्चतम न्यायालय को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए ताकि जमीन के नाम पर लूट बंद हो.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम पर भाजपा का घोटाला. इस पर गृह मंत्री अमित शाह चुप क्यों हैं?’’ कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज भाजपा को भी मानना पड़ रहा है कि उसके नेता, विधायक, महापौर, अधिकारी अयोध्या में बड़ी तादाद में जमीन के घोर घोटाले में संलिप्त हैं. भगवान राम के नाम पर अवैध जÞमीन खरीदने -बेचने के घोटाले में 40 लोगों की सूची जारी हुई है, जिसमें भाजपा के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, पूर्व विधायक गोरखनाथ के नाम भी शामिल हैं.’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इस जÞमीन घोटाले में न केवल भाजपा के विधायक और नेताओं ने लूट मचाई हुई है बल्कि नौकरशाहों और उनके रिश्तेदार, यहां तक कि स्थानीय राजस्व अधिकारियों, जिनका काम भूमि लेन-देन को प्रमाणित करना होता है, उन्होंने भी वहां पर बड़ा घोटाला किया.’’ सुप्रिया ने कहा, ‘‘चंदा चोर भाजपा नेताओं ने कौड़ियों के दाम जÞमीन खरीदकर महंगे दाम पर ट्रस्ट को बेची. आस-पास की जमीनों को सस्ते दामों पर उन लोगों ने ख़रीदा है, जिन्हें इसके ब्लू ंिप्रट के बारे में पता था. दलितों की जमीन, जो खरीदी नहीं जा सकती थी, वो हड़पी गई है.’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘आज देश मोदी जी से पूछता है कि आप मौन क्यों हैं? आज देश अमित शाह जी से पूछता है कि कहां हैं आप? क्यों आप इसकी ंिनदा नहीं करते हैं? क्यों आप बयान नहीं देते हैं?’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम यह मांग करते हैं कि उच्चतम न्यायालय, जिसके निर्देशानुसार मंदिर ट्रस्ट का गठन हुआ था, वह इस मामले में स्वत: संज्ञान ले और रामचंद्र जी के नाम पर होने वाली इस लूट, घोटाले, चंदाचोरी और मुनाफाखोरी को तुरंत बंद करे.’’
गौरतलब है कि अयोध्या विकास प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में अवैध रूप से भूखंड बेचने और उन पर निर्माण कार्य कराने वाले 40 लोगों की सूची जारी की है. इनमें अयोध्या के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता भी शामिल हैं.
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल ंिसह ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्राधिकरण द्वारा शनिवार रात अवैध रूप से जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्य कराने वाले 40 लोगों की एक सूची जारी की गई. उन्होंने कहा कि सूची में शामिल इन सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
खड़गे को समन पर कांग्रेस ने कहा : यह सुनिश्चित करें कि सांसदों और संसद का अपमान फिर से न हो
कांग्रेस ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को पिछले दिनों समन किए जाने को संसद तथा सांसदों का ‘‘घोर अपमान’’ बताया और कहा कि दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसा फिर न हो.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष को प्रवर्तन निदेशालय ने ईमेल के माध्यम से समन भेजा कि वह नेशनल हेराल्ड बिंिल्डग में यंग इंडियन के दफ्तर में मौजूद रहे. खड़गे ने कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और नेता प्रतिपक्ष होने के चलते उनके पहले से कार्यक्रम तय हैं, ऐसे में उनका एक अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद रहेगा.’’ रमेश ने दावा किया कि ईडी ने खड़गे के आग्रह को नहीं माना और उनके मौजूद रहने पर जोर दिया. खड़गे ने सदन को इसकी जानकारी दी और कहा कि वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं, लेकिन संसद सत्र के दौरान उन्हें समन किया जाना उचित नहीं है.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्यसभा के सभापति ने कहा कि आपराधिक मामलों में संसदीय विशेषाधिकार नहीं होते… पहली बात यह कि खड़गे नेशनल हेराल्ड मामले में आरोपी नहीं है. फिर भी ईडी ने उन्हें समन किया कि तलाशी के लिए उन्हें मौजूद रहना होगा और उनका बयान रिकॉर्ड किया जाना है.’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि अब समय आ गया है कि दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारी इस पर चर्चा करें और यह सुनिश्चित करें कि संसद और सांसदों का इस तरह का घोर अपमान फिर से न हो.
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता खड़गे को गत चार अगस्त को ईडी ने यहां आईटीओ के पास बहादुर शाह जफर मार्ग पर ‘हेराल्ड हाउस’ में बुलाया था. ईडी ने उनके खिलाफ समन जारी किया था क्योंकि जांच एजेंसी चाहती थी कि यंग इंडियन के कार्यालय पर छापेमारी के दौरान कंपनी के प्रमुख अधिकारी के तौर पर खड़गे मौजूद रहें.