नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि स्वतंत्रता दिवस स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का एक अवसर है, जिनके साहस और बलिदान ने हमें एक दमनकारी औपनिवेशिक शासन से मुक्ति दिलायी.
उपराष्ट्रपति ने 76वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा कि हम पिछले 75 वर्षों में हुई अपार प्रगति का जश्न मना रहे हैं, ‘‘हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमने स्वतंत्रता कितनी मुश्किल से हासिल की है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज जब हम विगत पचहत्तर वर्षों में देश की उपलब्धियों का उत्सव मना रहे हैं, हम यह भी याद रखें कि यह आजÞादी कितने कठिन संघर्ष के बाद हासिल की गई. स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करने तथा उन्हें श्रद्धांजलि देने का भी अवसर है, जिनके साहस और बलिदान ने हमें एक दमनकारी औपनिवेशिक शासन से मुक्ति दिलायी.’’
उन्होंने कहा कि आज, आधुनिक भारत के उन निर्माताओं के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रर्दिशत करने का भी दिन है जिनकी मेहनत और संकल्प ने एक संप्रभु, स्थायी और सुदृढ़ गणतंत्र की नींव डाली. उन्होंने कहा कि आज, भारत संभावनाओं और सामर्थ्य से परिपूर्ण देश है जो सर्वांगीण विकास के पथ पर तेजÞी से आगे बढ़ रहा है.