सिसोदिया के सहयोगी को शराब कारोबारी ने दिए एक करोड़ रुपये: सीबीआई की प्राथमिकी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 19 Aug 2022 07:39 PM
सिसोदिया के सहयोगी को शराब कारोबारी ने दिए एक करोड़ रुपये: सीबीआई की प्राथमिकी

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नयी दिल्ली. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के एक सहयोगी द्वारा संचालित कंपनी को एक शराब कारोबारी ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये का भुगतान किया. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी नीति 2021-22 को तैयार करने और इसके क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार पर अपनी प्राथमिकी में यह दावा किया है.

सीबीआई ने शुक्रवार को मध्य दिल्ली में सिसोदिया के आधिकारिक आवास और सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 20 अन्य स्थानों पर छापे मारे. केंद्रीय एजेंसी ने आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत 17 अगस्त को दर्ज अपनी प्राथमिकी में 15 लोगों का नाम लिया है.

सिसोदिया के अलावा सीबीआई ने आरोपियों के रूप में तत्कालीन आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्ण, तत्कालीन उप आबकारी आयुक्त आनंद कुमार तिवारी, सहायक आबकारी आयुक्त पंकज भटनागर, नौ व्यवसायी और दो कंपनियों को नामजद किया है. सिसोदिया के पास आबकारी विभाग की भी जिम्मेदारी है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के माध्यम से उपराज्यपाल वी के सक्सेना के कार्यालय को भेजे गए एक संदर्भ पर प्राथमिकी दर्ज की गई.
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि सिसोदिया और अन्य आरोपी लोक सेवकों ने ‘‘निविदा के बाद लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ देने के इरादे से’’ सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना उत्पाद नीति 2021-22 से संबंधित सिफारिश की और निर्णय लिया.

प्राथमिकी में कहा गया है कि मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ‘ओनली मच लाउडर’ के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विजय नायर, पर्नोड रिकार्ड के पूर्व कर्मचारी मनोज राय, ंिब्रडको स्पिरिट्स के मालिक अमनदीप ढल और इंडोस्पिरिट्स के मालिक समीर महेंद्रू सक्रिय रूप से पिछले साल नवंबर में लाई गई आबकारी नीति का निर्धारण और क्रियान्वयन में अनियमितताओं में शामिल थे.

एजेंसी ने आरोप लगाया कि गुड़गांव में बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे, सिसोदिया के ‘‘करीबी सहयोगी’’ हैं और आरोपी लोक सेवकों के लिए ‘‘शराब लाइसेंसधारियों से एकत्र किए गए अनुचित आर्थिक लाभ के प्रबंधन और स्थानांतरण करने में सक्रिय रूप से शामिल थे.’’ सीबीआई ने आरोप लगाया है कि दिनेश अरोड़ा द्वारा प्रबंधित राधा इंडस्ट्रीज को इंडोस्पिरिट्स के समीर महेंद्रू से एक करोड़ रुपये मिले.

प्राथमिकी में कहा गया है, ‘‘सूत्र ने आगे खुलासा किया कि अरुण रामचंद्र पिल्लई, विजय नायर के माध्यम से समीर महेंद्रू से आरोपी लोक सेवकों को आगे स्थानांतरित करने के लिए अनुचित धन एकत्र करता था. अर्जुन पांडे नाम के एक व्यक्ति ने विजय नायर की ओर से समीर महेंद्रू से लगभग 2-4 करोड़ रुपये की बड़ी नकद राशि एकत्र की.’’ एजेंसी का आरोप है कि सनी मारवाह की महादेव लिकर को योजना के तहत एल-1 लाइसेंस दिया गया था. यह भी आरोप लगाया कि दिवंगत शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा की कंपनियों के बोर्ड में शामिल मारवाह आरोपी लोक सेवकों के निकट संपर्क में था और उन्हें नियमित रूप से रिश्वत देता था.

सिसोदिया के आवास पर CBI छापेमारी को लेकर ‘आप’ ने साधा प्रधानमंत्री पर निशाना, BJP का पलटवार

दिल्ली आबकारी नीति को लेकर शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर सीबीआई की छापेमारी के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल की ”बढ़ती लोकप्रियता और उनके शासन मॉडल” से ”डर गई” है. ‘आप’ के नेता व राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने कहा कि सीबीआई को सिसोदिया के घर पर ”पेंसिल और ज्योमेट्री बॉक्स” के अलावा कुछ नहीं मिलेगा. सिसोदिया दिल्ली के शिक्षा मंत्री भी हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री को जेल भेजने की योजना बना रही है. चड्ढा ने कहा कि ‘आप’ नेताओं के खिलाफ 100 से अधिक फर्जी मामले दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन वे हर बार अदालतों में निर्दोष साबित हुए. केजरीवाल ने आॅनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमारी राह में, हमारे अभियान में कई रोड़े अटकाए जाएंगे. सिसोदिया के खिलाफ यह पहली छापेमारी नहीं है, पहले भी छापेमारी की गई है. मेरे और मेरे कई मंत्रियों के खिलाफ छापे मारे गए हैं, लेकिन उनमें कुछ भी नहीं निकला और इस बार भी कुछ नहीं निकलेगा.’’

सीबीआई की टीम सुबह जब सिसोदिया के आवास पर पहुंची, तो उन्होंने ट्विटर का रुख किया और कहा कि साजिशें न उन्हें तोड़ सकेंगी और न ही अच्छी शिक्षा के लिए काम करने के उनके संकल्प को बाधित कर पाएंगी. दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सिसोदिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने सिसोदिया के बारे में कहा कि दिल्ली के ‘एक्साइज’ (आबकारी) मंत्री ‘एक्सक्यूज’ (बहाना बनाने वाले) मंत्री बन गए हैं. सिसोदिया के पास दिल्ली का आबकारी विभाग भी है.

ठाकुर ‘‘मामला शराब के कारोबार के लाइसेंस और इसमें शामिल भ्रष्टाचार से जुड़ा है. संबंधित मंत्री मनीष सिसोदिया हैं. उन्होंने सीबीआई को जांच सौंपे जाने के दिन आबकारी नीति को पलट दिया. यह कदम क्यों उठाया गया, क्योंकि शराब के कारोबार के लाइसेंस जारी करने में भ्रष्टाचार किया गया है.’’ दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने आबकारी नीति 2021-22 के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की थी. उन्होंने इस मामले में 11 आबकारी अधिकारियों को निलंबित भी किया है. सिसोदिया ने खुद भी कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी.
सीबीआई ने सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी की है.

‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के पहले पन्ने पर सिसोदिया का नाम छपने के बाद केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में सिसोदिया को “दुनिया का सबसे अच्छा शिक्षा मंत्री” बताया और दावा किया कि सीबीआई की छापेमारी जैसी “बाधाएं” उन्हें भारत को “नंबर एक देश” बनाने के उनके मिशन से नहीं रोक पाएंगी. केजरीवाल ने आरोप लगाया, “सीबीआई को हमें परेशान करने के लिए ऊपर से कहा गया है.” ‘आप’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय ंिसह ने कहा कि आबकारी नीति में कथित अनियमितताएं सीबीआई को सिसोदिया के पीछे लगाने का सिर्फ एक ”बहाना” है.

उन्होंने कहा, “यहां असली मुद्दा अरंिवद केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता और शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में शासन मॉडल का है.” पार्टी ने आरोप लगया कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल कर जेल में डाल दिया गया, जिन्होंने दुनिया को मोहल्ला क्लिनिक का दिल्ली मॉडल दिया. प्रधानमंत्री ने अब सीबीआई को सिसोदिया के पीछे लगा दिया है.

ंिसह ने आरोप लगाया, “सिसोदिया को जेल में डालने की तैयारी चल रही है क्योंकि केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उनके शासन मॉडल के कारण प्रधानमंत्री रात को सो नहीं पा रहे हैं.” इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने दिल्ली सरकार पर सैकड़ों करोड़ रुपये के ‘शराब घोटाले’ में शामिल होने का शुक्रवार को आरोप लगाया. पश्चिम दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने सिसोदिया पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि शराब के लाइसेंसधारियों से नकदी इकट्ठा करने वाले दो ”बिचौलिए” देश से भाग गए हैं.

वर्मा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”अरंिवद केजरीवाल सरकार, जिसमें मनीष सिसोदिया आबकारी मंत्री हैं, ने थोक लाइसेंसधारियों के कमीशन को दो प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया. कई व्यक्तियों ने इसमें से 12 से छह प्रतिशत पैसा आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के लिए एकत्र किया, जिनमें से दो लोग उपराज्यपाल द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश किए जाने के साथ ही देश छोड़कर भाग गए.” कांग्रेस ने कहा कि जांच एजेंसियों के गलत इस्तेमाल के कारण ही यह स्थिति बनी है कि अगर एजेंसी सही काम करे तो भी ‘भ्रष्ट लोग’ दुरुपयोग की दुहाई देकर बच निकलते हैं.

पार्टी के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने ट्वीट किया, ‘‘एजेंसियों के निरंतर दुरुपयोग का एक बड़ा नुकÞसान यह भी होता है कि जब वह एजेंसी सही काम भी करे तब भी उसके कदम को शक की दृष्टि से देखा जाता है. ऐसे में भ्रष्ट लोग दुरुपयोग की दुहाई देकर बच निकलते हैं और जो ईमानदारी से जनता के मुद्दे उठाते हैं, वो दुरुपयोग का शिकार होते रहते हैं.’’ भाषा जोहेब माधव

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