नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘किसी भी तरह’ से दिल्ली सरकार गिराने की कोशिश करने का बुधवार को आरोप लगाया और दावा किया कि भारतायी जनता पार्टी (भाजपा) ने उसके चार विधायकों से संपर्क कर पाला बदलने के लिए उन्हें 20 करोड़ रुपये की पेशकश की है.
भाजपा ने आरोपों का मजाक उड़ाया और उसके प्रवक्ता ने कहा, ‘‘उन्हें इस तरह के प्रस्ताव शराब माफिया से मिले होंगे. वे उन लोगों के नाम क्यों नहीं बताते जिन्होंने उनसे संपर्क किया?’’ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल ने ‘गंभीर मुद्दे’ पर चर्चा करने के लिए आज शाम अपने घर पर पार्टी की राजनीति मामलों की समिति की बैठक बुलाई है. कांग्रेस ने दिल्ली की आबकारी नीति में कथित अनियमितता को लेकर आप पर हमला किया और कहा कि यदि भ्रष्टाचार के लिए कोई श्रेणी शुरू हुई तो उसमें केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को ‘भारत रत्न’ मिलना चाहिए.
कुछ दिन पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘आप’ छोड़ने पर उन्हें दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाने और सारे मामले वापस लेने की पेशकश की थी. वह आबकारी नीति 2021-22 को लागू करने में कथित अनियमितता को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच का सामना कर रहे हैं.
आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विधायकों- अजय दत्त, संजीव झा, सोमनाथ भारती और कुलदीप कुमार से भाजपा के नेताओं ने संपर्क किया है, जिनके साथ उनके मैत्रीपूर्ण संबंध हैं.’’ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा, ‘‘ यह बेहद गंभीर मामला है. स्थिति का जायजÞा लेने के लिए और आगे की रणनीति बनाने के लिए आज शाम चार बजे हमारी पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक बुलाई गई है.’’
सिंह ने दावा किया, ‘‘ उन्हें (चार विधायकों को) पेशकश की गई है कि अगर वे भाजपा में शामिल होते हैं तो उन्हें 20 करोड़ रुपये दिए जाएंगे और अगर वे अपने साथ अन्य विधायकों को लेकर आते हैं तो उन्हें 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.’’ राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘उन्होंने (भाजपा नेताओं ने) हमारे विधायकों से कहा कि अगर वे भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं करते हैं, तो उन्हें भी झूठे मामलों, सीबीआई और ईडी का सामना करना पड़ेगा जैसे (दिल्ली के उपमुख्यमंत्री) मनीष सिसोदिया सामना कर रहे हैं.’’ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह ‘‘किसी भी तरह से’’ आप विधायकों को भाजपा में लाने और दिल्ली में अरंिवद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने के प्रयास कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘ मोदीजी जांच एजेंसियों के दुरुपयोग, अपने लोगों को भेजकर उन्हें (विधायकों को) पैसे देने की पेशकश कराकर और पाला नहीं बदलने पर परिणाम भुगतने की धमकी देकर ‘आप’ विधायकों को पार्टी से तोड़ने और दिल्ली सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं.’’ सिंह ने दावा किया कि भाजपा नेताओं के दत्त, झा, भारती और कुलदीप कुमार के साथ ‘मैत्रीपूर्ण संबंध’ हैं और वे भाजपा की ‘पेशकश’ लेकर उनसे मिलने आए थे.
उन्होंने दावा किया, ‘‘महाराष्ट्र में (शिवसेना विधायक एकनाथ ंिशदे के मामले में) प्रयोग कामयाब रहा और मनीष सिसोदिया के मामले में विफल हो गया और अब हमारे विधायकों को (तोड़ने की) कोशिश की जा रही है.’’ सिंह ने कहा कि ‘मोदी जी आपको शर्म आनी चाहिए’ . उन्होंने प्रधानमंत्री से इस तरह के प्रयासों को ‘बंद’ करने और मंहगाई तथा बेरोजगारी जैसे मुद्दों के समाधान पर ध्यान केंद्रित करने को कहा.
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि आप विधायकों को दल बदलने के लिए न तो धमकाया जा सकता है और न ही उन्हें पैसे का लालच दिया जा सकता है क्योंकि वे एक ‘आंदोलन’ से निकले हैं. वह अन्ना हजारे की अगुवाई में हुए ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन का हवाला दे रहे थे जो 2011 में तत्कालीन कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान किया गया था. आप के चार विधायक, जिनसे कथित तौर पर भाजपा ने संपर्क किया था, वे भी संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थे. सिसोदिया ने ट्विटर पर भाजपा नीत केंद्र सरकार को सीबीआई का दुरुपयोग तथा पैसों की पेशकश कर आप विधायकों को तोड़ने की कोशिश के खिलाफ चेताया.
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे तोड़ने में फेल (विफल) हो गए,तो अब आप के अन्य विधायकों को 20-20 करोड़ का आॅफर (पेशकश) देकर, रेड (छापेमारी) का डर दिखाकर उन्हें तोड़ने की साजिश शुरू कर दी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ वे अरंिवद केजरीवाल जी के सिपाही हैं, भगत सिंह के अनुयायी हैं. जान दे देंगे पर गद्दारी नहीं करेंगे. इनके सामने आपकी ईडी, सीबीआई किसी काम की नहीं है.’’
भाजपा ने आरोपों से इनकार करते हुए इल्जाम लगाया कि दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में शराब के व्यापार में सुधार करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को नजÞरअंदाजÞ किया और कंपनियों को लाइसेंस दिए जिन्होंने ‘आप’ को ‘मोटा कमीशन’ दिया.
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की आप सरकार ने पंजाब विधानसभा चुनावों में अनुचित लाभ हासिल करने के लिए समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज किया. यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल शराब नीति “घोटाले” के “सरगना” हैं, लेकिन उन्होंने जांच से बचने की कोशिश के तहत एक भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए.