नागरिकों को कानून के खिलाफ राय रखने से रोकना अभिव्यक्ति की आजादी का हनन: सोनिया-राहुल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 30 Aug 2022 08:08 PM
नागरिकों को कानून के खिलाफ राय रखने से रोकना अभिव्यक्ति की आजादी का हनन: सोनिया-राहुल
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नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने फरवरी 2020 के दिल्ली दंगे को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में दाखिल अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि नागरिकों को किसी विधेयक या संसद द्वारा पारित किसी कानून के खिलाफ विचार व्यक्त करने से रोकना अभिव्यक्ति की स्वतंता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है.

अदालत में दाखिल अर्जी में अनुरोध किया गया है कि कथित तौर पर नफरती भाषण देने के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाए. सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दो अलग-अलग हलफनामा में कहा कि उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने के लिए अदालत में कोई मामला नहीं बनता है और इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने की कोई जरूरत नहीं है. हलफनामा में कहा गया कि सोनिया गांधी व राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का मामला नहीं बनता और न ही अदालत द्वारा हस्तक्षेप की आवश्यकता है.

उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय वर्ष 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. अदालत ने 13 जुलाई को काई संशोधन याचिकाओं को स्वीकार किया था जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित राजनीतिक नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उनके खिलाफ जांच कराने का आग्रह किया गया था. याचिका में इन नेताओं पर नफरती भाषण देने का आरोप लगाया गया है जिसकी वजह से कथित सांप्रदायिक तनाव पैदा हुआ. न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की पीठ ने सोमवार को इस मामले को सुनवाई के लिए 27 सितंबर को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया.

प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं के जवाब में दाखिल हलफनामे में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कहा कि नागरिकों को जनहित में विधेयक और संसद द्वारा पारित कानून के खिलाफ राय बनाने, उसे व्यक्त करने से रोकना तार्किक पाबंदी नहीं है और यह हमारे लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन है, जिसपर यह स्थापित की गई है.

अधिवक्ता तरन्नुम चीमा के जरिये दाखिल हलफनामें में कहा गया, ‘‘नागरिक को किसी विधेयक या सरकार द्वारा पारित कानून के खिलाफ प्रमाणिक राय व्यक्त करने से रोकना, सार्वजनिक मंच पर रखना, बहस करना, सुधार या बदलाव के लिए सार्वजनिक राय बनाने से रोकना हमारे अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन है.’’ इसमें कहा गया, ‘‘ प्रतवादी (सोनिया) विपक्ष की अहम नेता है जिसके नाते देश के नागरिकों के प्रति उनका कर्तव्य है कि वह सरकार द्वारा पेश विधेयक की आलोचना करे, जो नागरिकों के अधिकारों के लिए हानिकारक है.’’

अपने मित्रों को और अमीर बना रहे हैं प्रधानमंत्री: राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह आम जनता को ‘लूटकर’ अपने मित्रों को और अमीर बना रहे हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘रोजाना की दिहाड़ी पर जीवन यापन करने वाले पांच भारतीय हर घंटे आत्महत्या कर रहे हैं. प्रधानमंत्री के पसंदीदा मित्र की संपत्ति में हर घंटे 85 करोड़ रुपये जुड़ रहे हैं.’’ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री का सिर्फ एक काम है कि आम लोगों को लूटकर अपने मित्रों को और अमीर बनाया जाए.’’

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