जयपुर: राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के लिए नया भवन बनाएगी जो जयपुर के मानसरोवर इलाके में होगा। सरकार ने पार्टी के इस आशय की अर्जी को मंगलवार को मंजूरी दे दी और अब आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक मंगलवार को शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें कांग्रेस पार्टी को राज्य मुख्यालय भवन के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। पार्टी को दयिा जाने वाला लगभग 6000 वर्ग मीटर का भूखंड मानसरोवर में शिप्रा पथ पर स्थित है जो राजस्थान हाउंिसग बोर्ड (आरएचबी) के अंतर्गत आता है। मंत्रिमंडलीय उपसमिति से मंजूरी के बाद बोर्ड भूमि आवंटन की प्रक्रिया करेगा।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता र्स्विणम चतुर्वेदी ने बताया कि पार्टी का नया मुख्यालय बनाया जाना प्रस्तावित है, इसके लिए मानसरोवर के क्षिप्रा पथ पर 6000 वर्ग मीटर की जगह चिह्नित कर पार्टी की ओर से राज्य सरकार को अर्जी दी गई थी कि इस जमीन को पार्टी के नाम पर आरक्षित किया जाए और आवंटन की प्रक्रिया शुरू कराई जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद आवासन मंडल के साथ कीमत तय की जाएंगी और पैसे जमा करवाकर जमीन का कब्जा लिया जाएगा। उसके बाद भवन निर्माण आदि की प्रक्रिया शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस का प्रदेश मुख्यालय इस समय ंिसधी कैंप के पास स्टेशन रोड पर इंदिरा गांधी भवन में है। यह पार्टी की निजी संपत्ति है जहां 60 के दशक से कार्यालय चल रहा है। हालांकि हाल के वर्षों में यह इलाका काफी भीड़ भाड़ वाला हो गया है जिससे यहां कार्यक्रम आदि करने में काफी दिक्कत होती है साथ ही भवन पुराना है और छोटा है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि साल 2018 में राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के समय से ही प्रदेश मुख्यालय के लिए नए भवन बनाने को लेकर चर्चा थी, लेकिन महामारी व अन्य कारणों से यह मामला टलता गया लेकिन अब इसमें तेजी आने की उम्मीद है। चतुर्वेदी ने बताया कि सरकार की ओर से पार्टी को अस्पताल रोड पर आवंटित बंगला नंबर सात को कब्जा मिलने के बाद ‘वार रूम’ के रूप में इस्तेमाल किए जाने की योजना है।
इस बीच पार्टी ने जयंिसह राजमार्ग पर पहले से ही आवंटित सरकारी बंगले को खाली करना शुरू कर दिया है। कई दशकों से इस बंगले में युवा कांग्रेस व सेवादल सहित पार्टी के अन्य अग्रिम संगठन काम कर रहे थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार इन संगठनों को फौरी तौर पर कहीं और जगह दी जाएगी।