मुंबई. टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री का मंगलवार को मुंबई में अंतिम संस्कार कर दिया गया. मिस्त्री की रविवार को कार दुर्घटना में मौत हो गई थी. वह 54 वर्ष के थे. मध्य मुंबई के वर्ली शवदाह गृह में हुए अंतिम संस्कार में पारसी समुदाय के सदस्य, कुछ कारोबारी नेता और राजनीतिक नेता शामिल हुए.
दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा की सौतेली मां सिमोन टाटा भी अंतिम संस्कार में शामिल हुईं. सिमोन (92) विशेष वैन के जरिए व्हीलचेयर पर शवदाह गृह पहुंचीं. टाटा कंसलटेंसी र्सिवसेज (टीसीएस) के पूर्व प्रमुख एस. रामदुरई भी शवदाह गृह पहुंचे. हालांकि, टाटा समूह का कोई अन्य वरिष्ठ अधिकारी अंतिम संस्कार में नहीं दिखा. टाटा समूह के साथ मिस्त्री को अंत तक काफी कड़वी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी थी.
टाटा संस का चेयरमैन रहते हुए मिस्त्री द्वारा चुने गए प्रमुख अधिकारियों में से एक मधु कन्नन को अंतिम संस्कार में देखा गया.
साइरस मिस्त्री के बड़े भाई शापूर मिस्त्री, ससुर व वरिष्ठ वकील इकबाल छागला, उद्योगपति अनिल अंबानी, अजीत गुलाबचंद, दीपक पारेख और विशाल कंपानी, उद्यमी रोनी स्क्रूवाला, वास्तुकार हफीज कॉन्ट्रैक्टर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की नेता सुप्रिया सुले व गणेश नाइक और कांग्रेस के पूर्व सांसद मिंिलद देवड़ा शवदाह गृह में मौजूद थे.
मिस्त्री का पार्थिव शरीर सफेद फूलों से सजे वाहन में जे जे अस्पताल से लाया गया था और मंगलवार सुबह से वर्ली शवदाह गृह में रखा गया था ताकि मित्र और रिश्तेदार उनको श्रद्धांजलि दे सकें. दोपहर से ठीक पहले एक इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में मिस्त्री का अंतिम संस्कार किया गया. इसमें शामिल होने वालों के अनुसार अंतिम संस्कार से पहले एक पूर्व निर्धारित समय पर परिवार के पुजारी ने पारसी परंपरा के अनुसार पूजा की. महाराष्ट्र के पालघर जिले में रविवार दोपहर को हुई सड़क दुर्घटना में मिस्त्री और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले की मौत हो गई थी. वे दोनों दक्षिण गुजरात स्थित उदवाडा से लौट रहे थे, जो पारसी धर्म के लोगों के लिए सबसे पवित्र स्थल है.