नयी दिल्ली. बिग-बैंग के बाद नवजात ब्रह्मांड आज के मुकाबले पांच गुना धीमा था. एक अध्ययन में यह दावा किया गया है.
इस अध्ययन में आइंस्टीन की ब्रह्मांड के विस्तारित होने की पहेली को सुलझा लेने का दावा भी किया गया है. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय में कार्यरत और अध्ययन के प्रमुख लेखक के. गेरेंट लुईस ने कहा, ”उस समय पर नजर डालें जब ब्रह्मांड सिर्फ एक अरब वर्ष से अधिक पुराना था, तो हमें समय पांच गुना धीमी गति से गुजरता दिखाई देता है.”
आइंस्टीन का सापेक्षता का सिद्धांत कहता है कि किसी वस्तु को जितना अधिक दूरी से देखा जाता है, जैसे कि एक पुरातन ब्रह्मांड, वह वर्तमान दिन के मुकाबले धीमी गति से चलता है. दो दशकों में प्रारंभिक आकाशगंगाओं के केंद्रों पर 190 क्वासर या अतिसक्रिय विशाल ब्लैक होल के विवरण की जांच करते हुए खगोलविदों ने समय पटल को वर्तमान चरण के दसवें हिस्से तक पीछे किया और पुष्टि की कि ब्रह्मांड उम्र बढ़ने के साथ-साथ तेज होता जा रहा है.
यह अध्ययन ‘नेचर एस्ट्रोनॉमी’ नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है. अध्ययन में आइंस्टीन को यह बताने के लिए धन्यवाद दिया गया है कि समय और ‘स्पेस’ आपस में जुड़े हुए हैं और बिग बैंग के बाद से ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है.