कर्नाटक की ‘गृहलक्ष्मी’ योजना महंगाई पर प्रहार, केंद्र सरकार सीख ले : कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 19 Jul 2023 09:57 PM
कर्नाटक की ‘गृहलक्ष्मी’ योजना महंगाई पर प्रहार, केंद्र सरकार सीख ले : कांग्रेस
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि कर्नाटक सरकार की ‘गृहलक्ष्मी’ योजना ‘भारतीय जनता पार्टी द्वारा निर्मित महंगाई’ पर बड़ा प्रहार है तथा इससे आम लोगों को राहत मिलेगी. मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को कर्नाटक सरकार से सीख लेते हुए पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में कटौती कर जनता को राहत प्रदान करनी चाहिए. कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जनता को ‘पांच गारंटी’ दी थी उनमें ‘गृहलक्ष्मी’ भी शामिल थी. इसके तहत परिवार की महिला मुखिया को प्रति माह 2000 रुपये की राशि दी जानी है.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ”कर्नाटक में “गृहलक्ष्मी” योजना शुरू हो रही है. घरों की महिला मुखिया के खातों में हर महीने 2000 रुपये भेजे जाएंगे. इससे कर्नाटक की महिलाओं को निश्चित रूप से ”मोदी मेड महंगाई” से राहत मिलेगी.” कांग्रेस महासचिव और पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ”कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार आज ”गृहलक्ष्मी” योजना की शुरुआत कर रही है. यह देश व दुनिया की सबसे बड़ी महिला प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना है.” उन्होंने कहा कि ‘गृहलक्ष्मी’ योजना के तहत हर माह हर घर की महिला मुखिया के खाते में कांग्रेस की सरकार 2,000 रुपये भेजेगी.

सुरजेवाला ने बताया कि गृहलक्ष्मी का पैसा महिलाओं के खाते में 15 से 20 अगस्त के बीच जाना शुरू हो जाएगा और इस साल 1.11 करोड़ महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. कांग्रेस महासचिव के अनुसार, कर्नाटक सरकार द्वारा इस योजना के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में 18,000 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि अगले साल इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं की संख्या 1.25 करोड़ हो जाएगी.

सुरजेवाला ने कहा, ”भाजपा निर्मित महंगाई पर कर्नाटक की महिलाओं व कांग्रेस का यह साझा प्रहार है. अभी भी देर नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक द्वारा दिखाए रास्ते से सीख लें व गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल तथा जरूरी वस्तुओं की कीमतें कम करें. प्रदेश व देश के लोगों की कल्याणकारी मदद को ‘रेवड़ी’ बताकर उनको अपमानित करने की बजाय वह भारत के संविधान में सरकार की कल्याणकारी भूमिका की जिम्मेवारी का निर्वहन करें.”

हिमंत विश्व शर्मा ‘इंडिया’ शब्द पर औपनिवेशिक मानसिकता की बात प्रधानमंत्री को बताएं : कांग्रेस

कांग्रेस ने बुधवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘इंडिया’ शब्द में औपनिवेशिक मानसिकता की झलक नजर आने की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बतानी चाहिए जिन्होंने “स्किल इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसे कई नाम सरकारी कार्यक्रमों को दिए हैं.

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ट्विटर पर एक वीडियो भी साझा किया जिसमें प्रधानमंत्री मोदी एक चुनावी जनसभा में “वोट फॉर इंडिया” की अपील करते सुने जा सकते हैं.

विपक्ष के 26 दलों ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए अपनी चुनावी बिसात बिछाने का आगाज करते हुए मंगलवार को ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस (इंडिया)’ नाम से नए गठबंधन की घोषणा की.

इस घोषणा के बाद शर्मा ने ट्वीट कर कहा था, “हमारा सभ्यता से जुड़ा संघर्ष इंडिया और भारत के ईद-गिर्द केंद्रित है. अंग्रेजों ने हमारे देश का नाम इंडिया रखा. हमें खुद को औपनिवेशिक विरासतों से मुक्त करने का प्रयास करना चाहिए. हमारे पूर्वज भारत के लिए लड़े और हम भारत के लिए काम करते रहेंगे.”

उनके इस बयान को लेकर रमेश ने बुधवार को ट्वीट किया,, “क्या असम के मुख्यमंत्री को अंगूर खट्टे होने का अहसास हो रहा है? उनके नए गुरु मोदी जी ने हमें स्किल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे नाम दिए. उन्होंने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से ‘टीम इंडिया’ के रूप में मिलकर काम करने को कहा है. उन्होंने वोट फॉर इंडिया की अपील भी की! ”
रमेश ने कहा, “जब 26 राजनीतिक दल अपने गठबंधन को ‘इंडिया’ कहते हैं, तो वह नाराज. हो जाते हैं और कहते हैं कि इंडिया का उपयोग ‘औपनिवेशिक मानसिकता’ को दर्शाता है! उन्हें जाकर अपने बॉस को यह बात बतानी चाहिए.”
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