जयपुर. राजस्थान के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने एक कथित ‘लाल डायरी’ को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा और दावा किया कि इसमें ‘करोड़ों रुपए के दो नंबर का लेनदेन’ दर्ज था जिसे वह सदन में रखना चाहते थे. विधायक गुढ़ा ने यह भी दावा किया कि जयपुर में आयकर विभाग के छापे के दौरान मुख्यमंत्री के निर्देश पर वे यह डायरी कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ के आवास से “सुरक्षित” निकालकर लाए थे.
गुढ़ा ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा, “सारा का सारा आर्थिक लेनदेन दो नंबर में हुआ धर्मेंद्र राठौड़ के द्वारा. मुख्यमंत्री जी का नाम लिखा है उसके अंदर. सरकार के संकट के समय…पैसा आया कहां से, पैसा गया कहां सब कुछ था उसमें.” गुढ़ा ने दावा किया, “इसमें दर्ज लेनदेन कोई लाख, दो लाख, करोड़, दो-पांच करोड़ का नहीं था उसमें 100, 200, 500 करोड़ रुपए का लेनदेन था.” उन्होंने कहा, “डायरी का आधा हिस्सा मेरे पास है… क्या-क्या काले कारनामे किए गए पैसे दे देकर उन सारी चीजों का खुलासा मैं आगे भी करूंगा.”
गुढ़ा ने यहां तक कहा कि “बलात्कारियों” और कांग्रेस विधायकों के बीच कोई अंतर नहीं है. उन्होंने कहा कि जैसे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई जेल से अपनी आपराधिक गतिविधियां चलाता है, कांग्रेस विधायक सदन के अंदर से ऐसा करते हैं. उन्होंने कहा, “कांग्रेस के मंत्रियों व राजेंद्र गुढ़ा का डीएनए टेस्ट करवाओ नार्को टेस्ट करवाओ. नार्को टेस्ट में पता लग जाएगा कि दुष्कर्म करने वालों व इन लोगों में कोई फर्क नहीं है.”
उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान गुढ़ा द्वारा सदन में ‘हंगामा खड़ा’ किए जाने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. दरअसल शून्यकाल की कार्यवाही शुरू होते ही गुढ़ा लाल रंग की एक ‘डायरी’ लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के सामने पहुंच गए. उन्होंने वह डायरी अध्यक्ष को सौंपनी चाही लेकिन जोशी ने उन्हें अनुमति नहीं दी. जोशी ने गुढ़ा से उनके चैंबर में आने को कहा और कहा कि वह इसकी अनुमति नहीं देंगे.
गुढ़ा व जोशी में काफी देर बहस होती रही. इसके बाद गुढ़ा संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के पास पहुंचे. इस दौरान दोनों में बीच भी कुछ बहस हुई. इस बीच कांग्रेस विधायक रफीक खान ने गुढ़ा को एक तरफ किया. सत्ता पक्ष के कई मंत्री वहां पहुंच गए. इस दौरान माहौल काफी हंगामेदार हो गया. विपक्ष के कई विधायकों ने प्रतीकात्मक ‘लाल डायरी’ ले रखी थीं. इसके बाद जोशी ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की.
उल्लेखनीय है कि गुढ़ा ने शुक्रवार को विधानसभा में महिला अत्याचार के मुद्दे पर अपनी ही सरकार को घेरा तो उसी रात में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया. गुढ़ा के पास सैनिक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), होम गार्ड एवं नागरिक सुरक्षा (स्वतंत्र प्रभार), पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग का जिम्मा था.