नयी दिल्ली. एक वकील ने उच्चतम न्यायालय के समक्ष शुक्रवार को उल्लेख किया कि एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है जिसमें सर्वोच्च अदालत की तुलना एक वेश्यालय से की गई है. इस पर न्यायालय ने कहा कि “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.” एक वकील ने प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ के समक्ष इसका उल्लेख किया.
वकील ने कहा, “एक बहुत ही महत्वपूर्ण मामला है. मैंने रजिस्ट्रार का ध्यान प्रसारित हो रहे एक वीडियो की ओर पहले ही आर्किषत किया है जिसमें सर्वोच्च अदालत की तुलना एक वेश्यालय से की गई है, आपके साथ बैठे न्यायाधीशों को भ्रष्ट कहा गया है.” प्रधान न्यायाधीश ने कहा, “चिंता नहीं करें. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.” वकील ने यह भी कहा कि मणिपुर हिंसा मामले में सुनवाई के बाद वीडियो में सर्वोच्च अदालत के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है. न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, “कोई दिक्कत नहीं है. इस बारे में चिंता नही करें.”