भाजपा आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहकर उन्हें जंगलों तक सीमित करना चाहती है: राहुल गांधी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 13 Aug 2023 06:54 PM
भाजपा आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहकर उन्हें जंगलों तक सीमित करना चाहती है: राहुल गांधी
ऑडियो सुनें

वायनाड. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र में सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जनजातीय समुदायों को जंगलों तक सीमित करने की कोशिश करने और ‘आदिवासी’ की जगह ‘वनवासी’ कहकर उन्हें भूखंडों के मूल स्वामित्व के दर्जे से वंचित करने का रविवार को आरोप लगाया.

वायनाड के सांसद गांधी ने कुछ दिन पहले राजस्थान में पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए भी यही मामला उठाया था. उन्होंने राजस्थान में कहा था कि भाजपा जनजातीय समुदायों को आदिवासी की जगह ‘वनवासी’ कहकर उनका ‘अपमान’ करती है और उनकी वन भूमि छीनकर उद्योगपतियों को देती है.

गांधी ने रविवार को वायनाड जिले में मानंतवाड़ी क्षेत्र के नल्लूरनाड स्थित ‘डॉ. अंबेडकर जिला मेमोरियल कैंसर सेंटर’ में ‘एचटी (हाई टेंशन) कनेक्शन’ का उद्घाटन करने के बाद आरोप लगाया कि आदिवासियों को वनवासी कहने के पीछे एक ‘विकृत तर्क’ दिया जाता है.
उन्होंने कहा, ”यह आपको (आदिवासियों को) जमीन के मूल मालिक के अधिकार से वंचित करता है और इसका मकसद आपको जंगल तक ही सीमित रखना है.” गांधी ने कहा, ”इसका मतलब यह है कि आप जंगल से संबंध रखते हैं और आपको जंगल नहीं छोड़ना चाहिए.” कांग्रेस नेता ने कहा कि यह विचारधारा उनके दल को स्वीकार नहीं है, क्योंकि वनवासी शब्द जनजातीय समुदायों के इतिहास एवं परंपराओं को ‘तोड़-मरोड़कर पेश’ करता है और यह देश के साथ उनके रिश्ते पर एक ‘हमला’ है.

उन्होंने कहा, ”हमारे (कांग्रेस के) लिए आप आदिवासी हैं, भूमि के मूल मालिक हैं.” गांधी ने कहा कि चूंकि आदिवासी भूमि के मूल मालिक हैं, उन्हें भूमि एवं वन संबंधी अधिकार दिए जाने चाहिए और ”वे जो चाहें, उन्हें वह करने की कल्पना करने की अनुमति दी जानी” चाहिए.

उन्होंने कहा कि इन समुदायों को शिक्षा, नौकरियों, पेशों इत्यादि में वे सभी अवसर दिए जाने चाहिए, जो देश में हरेक को दिए जाते हैं.
गांधी ने कहा, ”आपको (जनजातीय समुदायों को) सीमित या वर्गीकृत नहीं किया जाना चाहिए. पूरा ग्रह आपके लिए खुला होना चाहिए.” गांधी ने कहा कि आदिवासी शब्द का अर्थ ”एक विशेष ज्ञान, जिस पृथ्वी पर हम रहते हैं उसके पर्यावरण की समझ और ग्रह के साथ संबंध से” है.

उन्होंने कहा कि आधुनिक समाज द्वारा जंगलों को जलाए जाने और प्रदूषण फैलाने के बाद ‘पर्यावरण’ और ‘पर्यावरण संरक्षण’ शब्द अब प्रचलित हो गए हैं, लेकिन आदिवासी पर्यावरण संरक्षण की बात हजारों साल से करते आ रहे हैं, ”इसलिए हमें आपसे बहुत कुछ सीखना है.” कांग्रेस नेता ने कैंसर केंद्र का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती के कारण चिकित्सकों और मरीजों को होने वाली समस्याओं का नये बिजली कनेक्शन की मदद से समाधान हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि उन्हें इसके लिए संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) निधि से 50 लाख रुपये प्रदान करने में खुशी हो रही है. उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों के अच्छे कार्यों के परिणामस्वरूप अस्पताल को अतिरिक्त पांच करोड़ रुपये मिलेंगे.

गांधी ने कहा, ”मुझे भरोसा है कि इससे उत्पादकता बढ.ाने में मदद मिलेगी.” उन्होंने स्तन कैंसर की जांच के लिए ऐसी सचल इकाइयां मुहैया कराने का विचार भी रखा, जो घरों में जाकर महिलाओं में इस बीमारी की जांच कर सकें. गांधी ने कहा, ”सचल जांच इकाइयां बीमारी का जल्द पता लगाने और उनकी (मरीजों की) जान बचाने में मददगार साबित होंगी.” गांधी रविवार शाम को कोडेनचेरी स्थित ‘सेंट जोसेफ हाई स्कूल ऑडिटोरियम’ में सामुदायिक विकलांगता प्रबंधन केंद्र (सीडीएमसी) की आधारशिला रखने के लिए कोझिकोड जिला जाएंगे.

इसके बाद वह रात करीब साढ.े 10 बजे कालीकट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दिल्ली रवाना होंगे. गांधी दो-दिवसीय दौरे पर शनिवार को केरल पहुंचे थे. यह वायनाड के प्रतिनिधि के रूप में लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद उनकी पहली यात्रा है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu