ठाणे. महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल की अवसंरचना में सुधार के लिए राज्य सरकार ने हाल में 60 करोड़ रुपये मंजूर किए थे. यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी. यह अस्पताल शनिवार से रविवार के बीच 24 घंटे की अवधि में 18 मौतों की वजह से सुर्खियों में है.
ठाणे नगर निगम के प्रमुख अभिजीत बांगड़ ने रविवार को बताया कि अस्पताल में बिस्तरों की क्षमता 500 से बढ.ाकर 1000 की जाएगी और रेजीडेंट चिकित्सकों को बेहतर छात्रावास की सुविधा दी जाएगी. बांगड़ ने सूचित किया कि कलवा अस्पताल परिसर से राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज को स्थानांतरित करने का काम चल रहा है और अवसंरचना सुधार संबंधी परियोजना अगले 10 महीने के भीतर पूरी हो जाएगी.
उन्होंने कहा कि ठाणे नगर निगम का वित्तवर्ष 2022-23 के लिए स्वास्थ्य बजट 317.20 करोड़ रुपये था जिसमें से 10 करोड़ रुपये की राशि कलवा स्थित अस्पताल और राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज परिसर में अवसंरचना सुधार के लिए है. ठाणे के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक संजय केलकर ने सोमवार को बांगर से मुलाकात की. केलकर ने कहा कि अस्पताल के जीर्णोद्धार की योजना को तत्काल लागू करने की जरूरत है क्योंकि बड़ी संख्या में पालघर के लोग यहां इलाज के लिए आते हैं.
उन्होंने कहा कि बरसात में होने वाली बीमारियों की वजह से मानसून के दौरान अस्पताल पर बोझ बढ. जाता है. केलकर ने कहा कि पार्किंग प्लाजा स्थित कोविड-19 वार्ड को भी आम अस्पताल में परिर्वितत करने की जरूरत है ताकि मरीजों को राहत मिले. सामाजिक कार्यकर्ता तकी चोलकर ने मौतों के बारे में दावा किया कि अस्पताल की दयनीय स्थिति है और सुधार की तत्काल आवश्यकता है. उन्होंने दावा किया कि निविदा और पूर्व में हुए कथित फर्जीवाड़ा की वजह से अस्पताल का फार्मेसी (दवा की दुकान) गत 10 साल से बंद है.
अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि पूर्णकालिक डीन अस्पताल में नहीं है और कुप्रबंधन की वजह से जिले के विभिन्न हिस्सों से आने वाले गरीब मरीज परेशान होते हैं. अस्पताल की पूर्व डीन ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में दावा किया कि 2020 में उनके सेवानिवृत्त होने के बाद से किसी पूर्णकालिक प्रमुख की तैनाती नहीं की गई और सात अधिकारियों को डीन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जिससे परेशानी आ रही है.
इस बीच, कुछ समाजिक कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी थी और रेखांकित किया कि 13 मौत आईसीयू में हुई है. अस्पताल प्रबंधन ने अबतक ऑक्सीजन की कमी से इनकार किया है. सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेखांकित किया कि अस्पताल में तीन एंबुलेंस है लेकिन एक ही चालक है. उनके मुताबिक हृदय रोगियों के लिए एंबुलेंस भी नहीं है.