छत्तीसगढ़ में ईडी के छापे राजनीति से हैं राजनीति से प्रेरित: भूपेश बघेल

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को दावा किया कि राज्य में हाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मारे गये छापे राजनीति से प्रेरित हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि संघीय धनशोधन रोधी एजेंसी ने शराब घोटाले में न तो कोई कार्रवाई की और न ही डिस्टिलियरी की संपत्तियां कुर्क की जो मुख्य आरोपी है.

बघेल ने कहा कि ईडी, सीबीआई, डीआरआई और आयकर समेत केंद्रीय एजेंसियां लोकतंत्र के लिए खतरा बन गयी हैं क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार उनका दुरूपयोग कर रही है. उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ” छत्तीसगढ़ के भाजपा मामलों के प्रभारी ओम माथुर द्वारा शनिवार को सरगुजा में यह कहा जाना, ” देखिए , अगले दो महीने में क्या होता है” इन केंद्रीय एजेंसियों के दुरूपयोग का ताजा उदाहरण है.” उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ऑनलाइन जुआ ऐप मामले में राज्य सरकार को बदनाम कर रही है.

बघेल ने कहा, ” केंद्रीय जांच एजेंसी (ईडी) एक विभाग में जाती है, फिर दूसरे विभाग में जाती है, जब उसे वहां भी कुछ नहीं मिलता है तो वह तीसरे विभाग में जाती है लेकिन उसे वहां भी कुछ हाथ नहीं लगता है. फिलहाल वह ऑनलाइन जुआ ऐप की जांच कर रही है जबकि राज्य सरकार इस मामले में पहले ही कार्रवाई कर चुकी है और वह मुख्य आरोपी के खिलाफ लुटआउट सर्कुलर जारी कर चुकी है.”

उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के छापे राजनीति से प्रेरित हैं तथा एजेंसी ने शराब घोटाले में मुख्य आरोपी डिस्टिलयर्स के खिलाफ न कोई कार्रवाई की और न ही उसकी संपत्ति कुर्क की. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ऑनलाइन जुआ ऐप मामले में लगातार कार्रवाई की और कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, गजेट और पैसे बरामद किये.

उन्होंने सवालिये लहजे में कहा, ” लेकिन ईडी ने ऑनलाइन जुआ ऐप के दो निदेशकों को पकड़ने के लिए अबतक कोई कोशिश नहीं की जो विदेश में हैं. इन दोनों निदेशकों ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों से करोड़ों रुपये लूटे हैं लेकिन ईडी केवल यहां इस मामले की जांच क्यों कर रही है.”

ईडी पर छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को चुनिंदा ढंग से निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए बघेल ने कहा कि कैग की हाल की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019-22 के दौरान कोई अनियमितता नहीं हुई. उन्होंने दावा किया कि नियमों में नवीनतम संशोधनों के बाद ईडी के पास असीमित शक्तियां आ गयी हैं और वह किसी को गिरफ्तार कर सकती है तथा चल-अचल संपत्तियां जब्त कर सकती है.

उन्होंने आरोप लगाया, ” इन चल और अचल संपत्तियों को छुड़वाने की कोई संभावना नहीं है. एक बार आरोपी जेल चला जाता है तो जमानत की गुजाइंश नहीं रह जाती है.” उन्होंने आरोप लगाया, ” ईडी आपको डराती-धमकाती है, मारती-पीटती है, सारी रात जगाकर रखती है, आपसे पूछताछ करती है और कहती है कि या तो जेल जाओ या उस कागज पर हस्ताक्षर करो जिसे वह पहले से टाइप करके तैयार रखी रहती है. उन्होंने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री , गृहमंत्री , वित्तमंत्री और ईडी को उस चिटफंड घोटाले के सिलसिले में कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था जो भाजपा सरकार के सत्ता में रहने के दौरान हुआ था, लेकिन अबतक कुछ नहीं हुआ. उन्होंने कहा, ” ईडी और आईटी भाजपा के दो मजबूत प्रकोष्ठ हैं जिसके माध्यम से वह यहां विधानसभा चुनाव लड़ रही है.” इस साल के आखिर तक छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button