अमेरिकी गायिका मिलबेन ने महिलाओं संबंधी टिप्पणी के लिए नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 09 Nov 2023 09:56 PM
अमेरिकी गायिका मिलबेन ने महिलाओं संबंधी टिप्पणी के लिए नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा
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वाशिंगटन/पटना. महिलाओं को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हालिया टिप्पणी से अप्रसन्न एक लोकप्रिय अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका ने बृहस्पतिवार को उनका इस्तीफा मांगा और कहा कि राज्य की कमान एक महिला को सौंपी जानी चाहिए. गायक मैरी मिलबेन ने यहां एक बयान में कहा, ”मुझे लगता है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे का समय आ गया है. मेरा मानना है कि भाजपा को बिहार में नेतृत्व के लिए किसी महिला को सशक्त बनाना चाहिए. यह जवाबी कार्रवाई के तौर पर महिला सशक्तीकरण और उनके विकास की सच्ची भावना होगी.” मिलबेन को भारत में ‘जन गण मन’ और ‘ओम जय जगदीश हरे’ की धुनों के गायन के लिए जाना जाता है.

उन्होंने कहा, ”या फिर बिहार में ऐसा किया जाए जैसा फिल्म जवान में शाहरुख के किरदार ने किया था और बदलाव लाया जाए. आप बिहार के लोगों में, भारत के लोगों में किसी महिला को नेतृत्व में लाने की, बदलाव लाने की ताकत है.” बिहार के मुख्यमंत्री ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए महिलाओं की शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए मंगलवार को विधानसभा में इस बारे में टिप्पणी की थी कि किस तरह एक शिक्षित महिला अपने पति को शारीरिक संबंध बनाने से रोक सकती है. अपने इस बयान को लेकर आलोचनाओं से घिरे नीतीश कुमार ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है.

मिलबेन ने कहा, ”आज भारत के सामने एक निर्णायक क्षण है. बिहार के लिए यह बहुत उपयुक्त है जहां महिलाओं के मूल्यों को चुनौती दी जा रही है. और मेरा मानना है कि इस चुनौती का केवल एक जवाब है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की टिप्पणियों के बाद मुझे लगता है कि किसी साहसी महिला को आगे आकर बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश करनी चाहिए. अगर मैं भारत की नागरिक होती तो बिहार जाती और मुख्यमंत्री के लिए दावेदारी प्रस्तुत कर देती.”

अगर नीतीश गलत हैं तो एनसीईआरटी की किताबें भी गलत हैं: बिहार सरकार के जदयू मंत्री

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विधानसभा में कथित रूप से महिलाओं के खिलाफ अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर उपजे विवाद के बीच सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से सरकार के कई मंत्री अपने नेता का बचाव करने के लिए एनसीईआरटी की किताबों को लेकर विधान परिषद में पहुंचे.

कुमार विधानसभा और विधान परिषद के साथ-साथ पत्रकारों के सामने भी अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग चुके हैं. इसके एक दिन बाद मंत्री लेशी सिंह, शीला मंडल और अशोक चौधरी ने विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथ लेने की ठान ली.
सिंह ने पत्रकारों से कहा, ”हमारे नेता द्वारा जाति आधारित सर्वेक्षण कराने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण बढ़ाने के ऐतिहासिक कदम उठाने से विपक्षी दल घबरा गया है और वह ध्यान भटकाने वाली रणनीतियों का इस्तेमाल कर रहा है.”

उन्होंने कहा, ”हमारे नेता ने माफी मांगकर उदारता दिखाई है. लेकिन भाजपा साफ तौर पर उन्हें बदनाम करने के एजेंडे पर काम कर रही है. तो अब हम उनका डटकर सामना करेंगे.” विधान परिषद में जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो भाजपा के परिषद के सदस्य (एमएलसी) अपनी सीट से खड़े हो गए और मुख्यमंत्री पर राज्य को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग करने लगे.

अशोक चौधरी ने 12वीं कक्षा की किताबों के पन्नों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो ”हमारे नेता ने कहा है, वही बात इसमें हैं.” चौधरी ने कहा, ”मैं ये किताबें सदन के पटल पर रखता हूं. अगर विपक्ष के सदस्य इतने आश्वस्त हैं कि हमारे नेता का भाषण निंदनीय था, तो केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी होने के नाते उन्हें इन पुस्तकों को बदल देना चाहिए.”

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