भारत को उत्तर-दक्षिण के आधार पर नहीं बांटें; मोदी हमेशा लोगों को एकजुट करते हैं: पीयूष गोयल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 06 Dec 2023 08:15 PM
भारत को उत्तर-दक्षिण के आधार पर नहीं बांटें; मोदी हमेशा लोगों को एकजुट करते हैं: पीयूष गोयल
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को विपक्षी दलों से देश को उत्तर और दक्षिण भारत के आधार पर नहीं बांटने को कहा.
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सांसद की हिंदी भाषी राज्यों के खिलाफ टिप्पणी का समर्थन करते हैं? लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान अपने उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय से संबंधित एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ का विचार लेकर आए हैं, ताकि पूरे देश को सब्सिडी वाला खाद्यान्न प्राप्त करने की एकल पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से एकजुट किया जा सके.

उन्होंने विपक्ष पर तीखे हमले करते हुए कहा, ”हम यह नहीं पता करते कि कौन कहां से कहां ‘माइग्रेट’ करता है. अब किसी राशन कार्ड को जेब में लेकर घूमने की आवश्यकता नहीं, बल्कि अब अंगूठा ही राशन कार्ड है. व्यक्ति देश में कहीं भी जाएगा उसे राशन मिलेगा.” कुछ विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों के बीच उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री हमेशा लोगों को एकजुट करने के लिए काम करते हैं. लेकिन विपक्ष देश को विभाजित करने की कोशिश कर रहा है. उनमें से कुछ ने उत्तर और दक्षिण भारत के बारे में भी बात की. कृपया देश को विभाजित करना बंद करें.”

आपत्तियों पर सख्त रुख दिखाते हुए मंत्री ने पलटवार करते हुए पूछा, ह्लक्या आप कल इस सदन में दिए गए एक सदस्य के बयान का समर्थन करते हैं? क्या ‘इंडिया’ गठबंधन के सदस्य उस सांसद के बयान का समर्थन करते हैं?” हालांकि, गोयल ने विवादास्पद टिप्पणी करने वाले द्रमुक सदस्य डी एन वी सेंथिल कुमार का नाम नहीं लिया.

प्रधानमंत्री मोदी गरीबों का दर्द समझते हैं, उन्होंने विस्थापितों के आंसू पोंछे हैं: शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि जम्मू कश्मीर से संबंधित जिन दो विधेयकों पर सदन में विचार हो रहा है, वे उन सभी लोगों को न्याय दिलाने के लिए लाये गये हैं जिनकी 70 साल तक अनदेखी की गई और जिन्हें अपमानित किया गया. उन्होंने जम्मू कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2023 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबों का दर्द समझते हैं तथा एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने पिछड़ों के आंसू पोंछे हैं.

शाह ने कहा कि विधेयक पर चर्चा में पक्ष-विपक्ष के 29 वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए, लेकिन किसी ने भी इस विधेयक के तत्व का विरोध नहीं किया और विधेयक के उद्देश्य के साथ किसी ने असहमति नहीं जताई है. उनका कहना था कि ये दोनों विधेयक उन सभी लोगों को न्याय दिलाने के लिए लाये गये हैं जिनकी 70 साल तक अनदेखी की गई और जिन्हें अपमानित किया गया विधेयक का नाम बदलने के कुछ विपक्षी सदस्यों के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा, ”नाम के साथ सम्मान जुड़ा है, इसे वही लोग समझ सकते हैं, जो पीछे छूट गए लोगों को संवेदना के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं. मोदी जी ऐसे नेता हैं, जो गरीब घर में जन्म लेकर देश के प्रधानमंत्री बने हैं, वह पिछड़ों और गरीबों का दर्द जानते हैं. वो लोग इसे नहीं समझ सकते, जो इसका उपयोग वोटबैंक के लिए करते हैं.”

शाह ने कहा, ”यह वो लोग नहीं समझ सकते हैं जो लच्छेदार भाषण देकर पिछड़ों को राजनीति में वोट हासिल करने का साधन समझते हैं. प्रधानमंत्री पिछड़ों और गरीब का दर्द जानते हैं.” उन्होंने कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का उल्लेख करते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति किए बगैर अगर आतंकवाद की शुरुआत में ही उसे खत्म कर दिया गया होता तो कश्मीरी विस्थापितों को कश्मीर छोड़ना नहीं पड़ता.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu