सरकार ने एथनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के रस के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 07 Dec 2023 06:46 PM
सरकार ने एथनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के रस के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया
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नयी दिल्ली. घरेलू खपत के लिए चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्र ने इस महीने शुरू हुए आपूर्ति वर्ष 2023-24 में एथनॉल उत्पादन के लिए ‘गन्ने के रस और चीनी के रस’ के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि, सरकार ने वर्ष 2023-24 में एथनॉल उत्पादन के लिए ‘बी-शीरा’ के उपयोग की अनुमति दी है. इस फैसले का चीनी उद्योग निकायों ने स्वागत किया है.

सभी चीनी मिलों और डिस्टिलिरी को बृहस्पतिवार को जारी एक पत्र में खाद्य मंत्रालय ने एथनॉल आपूर्ति वर्ष 2023-24 (दिसंबर-नवंबर) के दौरान एथनॉल उत्पादन के लिए ह्लगन्ने के रस / चीनी के रस का उपयोग नहीं करनेह्व का निर्देश दिया है. यह निर्देश चीनी (नियंत्रण) आदेश 1966 के खंड 4 और 5 के अनुसार जारी किया गया है.

खाद्य मंत्रालय ने पत्र में कहा, ”तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को बी-हेवी शीरा से प्राप्त एथनॉल की आपूर्ति जारी रहेगी.” मंत्रालय का यह निर्णय विपणन वर्ष 2023-24 (अक्टूबर-सितंबर) में चीनी उत्पादन में गिरावट के अनुमान के बीच आया है. इस कदम का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ (एनएफसीएसएफ) के प्रबंध निदेशक प्रकाश पी नाइकनवरे ने कहा, ह्लअनुबंधित मात्रा के अलावा देश में बी-शीरा से बने एथनॉल का भारी भंडार पड़ा हुआ है. पत्र में उद्योग की चिंता का समाधान है.ह्व

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, हालांकि, पत्र में कुछ अस्पष्टताएं हैं जिसमें कहा गया है कि बी-हेवी शीरा से ओएमसी द्वारा प्राप्त ‘मौजूदा प्रस्तावों’ से एथनॉल की आपूर्ति जारी रहेगी. ”क्या मौजूदा निविदा समाप्त होने के बाद इसे वापस ले लिया जाएगा? इसके बारे में कोई स्पष्टता नहीं है.” उन्होंने कहा कि साथ ही, अकेले गन्ने के रस और चीनी सिरप से एथनॉल बनाने के लिए भी कुछ इकाइयां बनाई गई हैं. उन्होंने कहा कि अगर ये इकाइयां परिचालन में नहीं रहेंगी तो ‘रुग्ण’ हो जाएंगी.

ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (एआईएसटीए) के अध्यक्ष प्रफुल्ल विठलानी ने कहा, ”आदेश के अनुसार, बी-शीरा उत्पादन मौजूदा प्रस्ताव के खिलाफ जारी रहेगा, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह अगले बी-शीरा टेंडर के लिए जारी रहेगा या नहीं.” उन्होंने यह भी कहा कि चीनी की स्थिति स्पष्ट होने तक ओएमसी बी-मोलासिस एथनॉल के लिए नई निविदा नहीं ला सकते हैं.

उद्योग संगठन भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने विपणन वर्ष 2023-24 (अक्टूबर-सितंबर) चीनी उत्पादन नौ प्रतिशत की गिरावट के साथ 337 लाख टन रहने का उत्पादन लगाया है. इसने एथनॉल उत्पादन के लिए चीनी के स्थानांतरण का अनुमान नहीं लगाया है.
भारत ने विपणन वर्ष 2022-23 के दौरान 61 लाख टन चीनी का निर्यात किया, जबकि पिछले वर्ष रिकॉर्ड 112 लाख टन का निर्यात हुआ था. सरकार ने अभी तक इस विपणन वर्ष के लिए निर्यात की अनुमति नहीं दी है. खाद्य मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने गेहूं और टूटे चावल के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. इसने बासमती चावल के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) भी तय किया है.

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