भोपाल. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से मनोनीत मोहन यादव बुधवार को यहां मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य नेता शामिल होंगे.
मनोनीत मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए विस्तृत व्यवस्था की जा रही है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, खासकर यादव के गृहनगर उज्जैन से इकट्ठा होंगे. उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम राज्य की राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में होगा.
आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा, भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सहित अन्य लोग शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे.” मध्य प्रदेश भाजपा के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल होंगे.
कई दिनों से चल रही अटकलों को खत्म करते हुए, भाजपा ने सोमवार को यादव को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में चुना और पार्टी के दिग्गज नेता शिवराज सिंह चौहान को रिकॉर्ड पांचवीं बार सत्ता में आने से रोक दिया. चौहान सरकार में मंत्री यादव (58) को सोमवार को एक बैठक के दौरान सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया. मध्य प्रदेश में राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा उप मुख्यमंत्री होंगे. प्रवक्ता ने कहा हालांकि फिलहाल यह साफ नहीं है कि वे भी यादव के साथ शपथ लेंगे या नहीं.
मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल वरिष्ठ भाजपा नेता और नवनिर्वाचित विधायक नरेंद्र सिंह तोमर नए विधानसभा अध्यक्ष होंगे.
यादव को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का करीबी माना जाता है और उन्हें शीर्ष पद के दावेदार के रूप में नहीं देखा जा रहा था. वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से आते हैं, जिनकी संख्या राज्य की जनसंख्या में 48 प्रतिशत से अधिक है.
सोमवार को मुख्यमंत्री नामित होने के बाद यादव ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात की और अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया. यादव 2013 में पहली बार उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक चुने गए थे. उन्होंने 2018 और फिर 2023 में विधानसभा सीट बरकरार रखी. पिछले महीने के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 163 सीटें जीतीं, और कांग्रेस को 66 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर धकेल दिया.