योगी ने रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन किए, प्राण प्रतिष्ठा समारोह को यादगार बनाने के लिए दिए निर्देश

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 19 Jan 2024 08:20 PM
योगी ने रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन किए, प्राण प्रतिष्ठा समारोह को यादगार बनाने के लिए दिए निर्देश
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अयोध्या. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और यहां सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन किया और 22 जनवरी को श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्री रामलला के बालरूप विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को यादगार बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए. शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन के साथ तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और समीक्षा बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला के बाल रूप विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम में देश-विदेश से अतिथियों का आगमन हो रहा है. उन्होंने कहा कि इस समारोह में भारत के सभी प्रांतों से संत, धर्माचार्य, गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी.

उन्होंने कहा कि इस समारोह में सहभागिता करने आ रहे अति विशिष्ट जनों की सुरक्षा व सम्मान के पुख्ता इंतजाम कर लिए जाएं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक वीवीआईपी के साथ एक लाइजनिंग अधिकारी की तैनाती की जाए. उन्होंने कहा कि इस कार्य में ऐसे लोगों की तैनाती की जाए, जो श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ, अयोध्या के पौराणिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व से सुपरिचित हों.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित व्यक्तियों के सुविधाजनक आवागमन के लिए उनसे सतत संवाद बनाए रखा जाए. उन्होंने कहा कि इसके लिए सक्रिय कॉल सेंटर को 24 घंटे चालू रखा जाए. उन्होंने कहा कि 22/23 जनवरी के बाद हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का अयोध्या में आगमन होगा. उन्होंने कहा कि हर कोई रामलला के दर्शन करने को उत्सुक है. उन्होंने कहा कि भारत के सभी राज्यों से लोग आएंगे, ऐसे में आगामी छह माह की स्थिति का आकलन करते हुए कार्ययोजना तैयार कर ली जाए.

उन्होंने कहा कि अंतर्जनपदीय तथा अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय होना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
बयान के अनुसार मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीरामलला विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के भव्य समारोह के उपरांत अगले माह एक फरवरी को उत्तर प्रदेश सरकार के सभी मंत्री एक साथ श्रीरामलला का दर्शन-पूजन करने का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे. उन्होंने कहा कि धर्म पथ, जन्मभूमि पथ, भक्ति पथ, रामपथ का विषय आधारित सजावट कराएं.

उन्होंने कहा, ”यह उत्सव, आनंद का ऐतिहासिक अवसर है. ऐसे प्रयास करें कि हर आगंतुक/श्रद्धालु/पर्यटक यहां से सुखद अनुभव लेकर जाए. इन मार्गों के शेष कार्यों को तत्काल पूरा कराया जाए. स्ट्रीट लाइट आदि की जांच-परख कर ली जाए.” उन्­होंने यह भी हिदायत दी कि अयोध्या में पूरी दुनिया से लोग आने वाले हैं जिसके मद्देनजर यहां तैनात होने वाले पुलिसर्किमयों का व्यवहार प्रदेश की छवि प्रभावित करने वाला होगा, ऐसे में उनकी ‘काउंसलिंग’ की जाए.

उन्होंने कहा, ”श्री रामलला के बाल रूप विग्रह का यह चिर प्रतीक्षित समारोह उत्तर प्रदेश को अपनी आतिथ्य-संस्कृति से परिचय कराने का सुअवसर है. इसमें जन सहयोग लें. प्रमुख मार्गों अथवा गलियों में धूल न उड़े, गंदगी न हो. जगह-जगह कूड़ेदान रखे हों. आवश्यकतानुसार स्वच्छतार्किमयों की संख्या बढाएं.” योगी ने कहा कि टेंट सिटी में अच्छी व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि यहां साफ सफाई का ध्यान रखें, यहां ठहरने वालों को गर्म पानी मिले. उन्होंने कहा, ”टेंट सिटी में खाद्यान्न की उपलब्धता बनी रहे. दमकल सेवा की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित कराएं. रैन बसेरों को और व्यवस्थित करें. कई स्थानों पर इनकी संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है. धर्मनगरी में रात्रि विश्राम करने वाला एक भी व्यक्ति ठंड से ठिठुरता न मिले.”

उन्­होंने कहा कि प्राण प्रतिष्­ठा समारोह और उसके बाद के लिए पार्किंग और यातायात प्रबंधन की बेहतर कार्ययोजना बनाएं तथा मार्ग परिवर्तन के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए. उन्होंने कहा कि विभिन्न जनपदों से अयोध्या को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गो पर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था हो तथा आगंतुकों के आवागमन के लिए इले्ट्रिरक बसों की पर्याप्त उपलब्धता हो एवं उनकी पार्किंग के इंतजाम हों.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पूरी अयोध्या में कहीं भी फुटपाथ पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा हो. उन्­होंने अंदेशा जाहिर किया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के चलते अगले दो-तीन दिनों तक अयोध्या में सामान्य आवागमन/यातायात प्रभावित होने की संभावना है. उन्­होंने कहा कि ऐसे में नगरवासियों को खाद्यान्न, पेयजल, रसोई गैस आदि आवश्यक वस्तुओं का अभाव न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध समय से कर लिए जाने चाहिए.

इसके पहले अधिकारियों ने बताया कि हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मुख्यमंत्री राम मंदिर गए और उत्तर प्रदेश की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की इस दौरान, मुख्यमंत्री ने 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों का जायजा भी लिया.
मुख्यमंत्री पिछले 11 दिन में तीसरी बारी अयोध्या के दौरे पर आए हैं. बाद में उन्होंने तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य से भी मुलाकात की. पद्म पुरस्कार से सम्मानित श्री रामभद्राचार्य के 75वें जन्मदिन पर अयोध्या के काशीराम कॉलोनी के पास अमृत महोत्सव का आयोजन किया गया है. यह आयोजन 14 जनवरी से शुरू हुआ है, जो 22 जनवरी तक निरंतर चलेगा. आयोजन के छठवें दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी यहां पहुंचे.

मुख्यमंत्री आयोजन स्थल पर चल रहे 1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ में शामिल हुए. योगी आदित्यनाथ ने आहुति देकर उत्तर प्रदेश की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दर्शन-पूजन के उपरांत राम मंदिर भी पहुंचे. यहां मुख्यमंत्री ने प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारियों का जायजा लिया. इसके बाद शुक्रवार को पूजन में भी शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने यहां दिव्य-भव्य मंदिर का अवलोकन किया. इसके बाद उन्होंने 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम के मद्देनजर पूरे मंदिर परिसर का निरीक्षण किया. यहां विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संरक्षक दिनेश से व्यवस्था से जुड़ी जानकारी ली. फिर विहिप, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के साथ ही स्थानीय प्रशासन-पुलिस के अधिकारियों को चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था रखने का निर्देश दिया.

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