
नयी दिल्ली. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में वापस लौट आए. पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज शेट्टार कांग्रेस में शामिल हो गए थे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भरोसा जताते हुए शेट्टार ने भाजपा के साथ अपने लंबे जुड़ाव का जिक्र किया और कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं सहित उनके कई शुभचिंतक चाहते हैं कि वह भाजपा में वापस आएं.
राजधानी स्थित भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राजीव चंद्रशेखर, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री व पार्टी संसदीय बोर्ड के सदस्य बी.एस. येदियुरप्पा, मुख्य प्रवक्ता व मीडिया विभाग के प्रभारी अनिल बलूनी और पार्टी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र की मौजूदगी में लिंगायत नेता शेट्टार भाजपा में शामिल हुए.
भाजपा में वापसी के बाद शेट्टार ने संवाददाताओं से कहा, ”मैं भाजपा में दोबारा शामिल हो रहा हूं. भाजपा ने मुझे पहले भी कई जिम्मेदारियां दी थीं. लेकिन, मैं कुछ अन्य मुद्दों के कारण कांग्रेस में गया था.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को मजबूत करने के लिए ”बहुत सारे कार्य” किये हैं और उनके नेतृत्व में भारत दुनिया में ”एक बहुत शक्तिशाली देश” के रूप में उभरा है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने पार्टी में शेट्टार का स्वागत करते हुए कहा कि शेट्टार वापस आना चाहते हैं क्योंकि पार्टी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा और ”राम राज्य की स्थापना” के उद्देश्य को लगातार आगे बढ.ा रही है.
हुबली-धारवाड़ मध्य सीट से छह बार विधायक रहे जगदीश शेट्टार की गिनती राज्य के अनुभवी नेताओं में होती है. उनका परिवार जनसंघ के दिनों से पार्टी से जुड़ा रहा. वह कित्तूर कर्नाटक क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं. भाजपा में रहते हुए उन्होंने मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दीं.
कर्नाटक के पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के शीर्ष नेताओं ने 67 वर्षीय शेट्टार से, दूसरों के लिए रास्ता बनाने के लिए विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का आग्रह किया था. हालांकि वह इससे सहमत नहीं थे. उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह आखिरी बार चुनाव लड़ना चाहते हैं. टिकट न मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था. कांग्रेस में शामिल होने के बाद शेट्टार ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने उन्हें टिकट न देकर अपमानित किया और पार्टी सीमित लोगों के नियंत्रण में है. कांग्रेस ने उन्हें हुबली-धारवाड़ मध्य सीट से अपना उम्मीदवार भी बनाया था लेकिन वह विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के हाथों पराजित हो गए थे.



