अमेरिका में ‘बिना दस्तावेजों’ के रह रहीं 73 वर्षीय सिख महिला को 33 साल बाद पंजाब वापस भेजा गया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 25 Sep 2025 09:52 PM
अमेरिका में ‘बिना दस्तावेजों’ के रह रहीं 73 वर्षीय सिख महिला को 33 साल बाद पंजाब वापस भेजा गया
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चंडीग­ढ़. अमेरिका में ”बिना दस्तावेजों” के 30 से अधिक वर्षों से रह रहीं 73-वर्षीय एक सिख महिला को इस सप्ताह के शुरू में कैलिफोर्निया में आव्रजन अधिकारियों ने हिरासत में लिया और भारत भेज दिया, उन्हें अपने रिश्तेदारों को अलविदा कहने का भी मौका नहीं दिया गया. महिला के वकील ने यह जानकारी दी.

बुधवार को ‘इंस्टाग्राम’ पर एक पोस्ट में वकील दीपक अहलूवालिया ने कहा, ”बीबी जी (हरजीत कौर) पंजाब वापस आ रही हैं. वह पहले ही भारत पहुंच चुकी हैं.” कैलिफोर्निया में आव्रजन अधिकारियों ने नियमित जांच के बाद कौर को हिरासत में ले लिया, जिससे उनके परिवार और समुदाय के सदस्यों में रोष फैल गया.

समाचार पोर्टल ‘बर्कलेसाइड’ की एक रिपोर्ट में पहले बताया गया था कि 30 से अधिक वर्षों से उत्तरी कैलिफोर्निया के ईस्ट-बे में रहने वालीं कौर को आव्रजन एवं सीमा प्रवर्तन (आईसीई) के अधिकारियों ने एक नियमित जांच के दौरान हिरासत में लिया. कौर की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर उनके परिवार और समुदाय के सैकड़ों सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया. अहलूवालिया ने कहा कि आव्रजन अधिकारी कौर को बेकर्सफील्ड के एक हिरासत केंद्र में ले गये. पोस्ट में, अहलूवालिया ने दावा किया कि कौर को बेकर्सफील्ड से लॉस एंजिलिस ले जाया गया, जहां से उन्हें जॉर्जिया और उसके बाद नयी दिल्ली के लिए उड़ान में बिठाया गया.

उन्होंने यह भी दावा किया कि कौर के परिवार के सदस्यों ने अधिकारियों से आग्रह किया कि उन्हें वापस भेजे जाने से पहले अपने रिश्तेदारों को अलविदा कहने का मौका दिया जाए, लेकिन अनुमति नहीं दी गई. अहलूवालिया ने कहा, ”हम कौर के लिए सोमवार की उड़ान के लिए टिकट पाने में सफल रहे, लेकिन शनिवार को तड़के लगभग दो बजे, वे उन्हें बेकर्सफील्ड से हथकड़ी लगाकर लॉस एंजिलिस ले गए, और वकील को सूचित किए बिना या कोई पूर्व सूचना दिए बिना उन्हें जॉर्जिया की उड़ान में बिठा दिया.” उन्होंने बताया कि जॉर्जिया में कौर को बंदियों के एक हिारासत केंद्र में रखा गया था.

अहलूवालिया ने कहा, ”कौर को लगभग 60-70 घंटों तक बिस्तर भी नहीं दिया गया और उन्हें जमीन पर कंबल ओ­ढ़कर सोने को मजबूर किया गया. वह उठ भी नहीं पा रही थीं, क्योंकि उनके दोनों घुटनों की सर्जरी हुई थी. उन्हें पूरे समय नहाने की भी अनुमति नहीं दी गई. जॉर्जिया से आर्मेनिया के बाद वह एक आईसीई चार्टर्ड विमान से दिल्ली आईं.” वकील ने कहा, ”शुक्र है कि कौर को पहले की तरह हथकड़ी नहीं लगाई गई. एक अधिकारी उन्हें हथकड़ी लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन दूसरे ने उनकी उम्र को देखते हुए ऐसा नहीं करने को कहा.”

‘एबीसी7न्यूज’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, कौर कथित तौर पर बिना किसी दस्तावेज के रह रही थीं. वह 1992 में दो बेटों के साथ अमेरिका पहुंचीं. वर्ष 2012 में उनके शरण के आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया था, लेकिन तब से वह 13 वर्षों से भी अधिक समय तक हर छह महीने में सैन फ्रांसिस्को स्थित आईसीई को ”निष्ठापूर्वक रिपोर्ट” करती रहीं. ‘बर्कलेसाइड’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ”आईसीई ने कौर को आश्वासन दिया था कि जब तक उनके यात्रा दस्तावेज प्राप्त नहीं हो जाते, तब तक वह ‘वर्क परमिट’ के साथ निगरानी में अमेरिका में रह सकती हैं.”

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