
चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस ने सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) संदीप कुमार लाठर की मौत के संबंध में उनके द्वारा छोड़े गए नोट और वीडियो के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
रोहतक के साइबर प्रकोष्ठ में तैनात संदीप कुमार ने मंगलवार को कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी। उन्होंने एक ‘अंतिम नोट’ छोड़ा है जिसमें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दिवंगत अधिकारी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। पूरण कुमार भी रोहतक जिले में तैनात थे। छह मिनट के एक वीडियो में वह पूरण कुमार की पत्नी एवं हरियाणा की वरिष्ठ नौकरशाह अमनीत कुमार का भी जिक्र करते हैं।
आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाते हुए बुधवार को संदीप कुमार की पत्नी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बृहस्पतिवार को रोहतक में शोकाकुल परिवार से मिलने के बाद कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उनकी पत्नी को नौकरी देने का आश्वासन दिया है और वह बच्चों की पढ़ाई का भी ध्यान रखेंगे।
उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक पूरण कुमार और उसके एक सप्ताह बाद संदीप कुमार की कथित आत्महत्या को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने सात अक्टूबर को हुई पूरण कुमार की मौत का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश, पहली घटना में कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक और जातिगत रंग देने की कोशिश की, जो उचित नहीं है।’’
खट्टर ने कहा, ‘‘यह दूसरी घटना (संदीप कुमार की मौत) हुई है। मैं दोनों परिवारों और समाज के लोगों से अपील करता हूं कि इस मुद्दे को समुदाय या जाति का मामला न बनाएं और न ही इस पर राजनीति होने दें।’’ छह मिनट के वीडियो और ‘सुसाइड नोट’ में संदीप कुमार ने आरोप लगाया कि पूरन कुमार ने ‘‘पारिवारिक अपमान से बचने के लिए’’ आत्महत्या कर ली और उनके परिवार की संपत्ति की जांच की जानी चाहिए।
हाल ही में रोहतक के सुनारिया में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में महानिरीक्षक के पद पर तैनात हुए पूरण कुमार (52) चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए थे। उन्हें गोली लगी थी। बुधवार को चंडीगढ़ में उनका अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार को संदीप कुमार का शव रोहतक में लाढौत-धामर रोड के किनारे उनके एक रिश्तेदार के खेत में बने कमरे से बरामद किया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एएसआई संदीप कुमार ने हेड कांस्टेबल सुशील कुमार की गिरफ्तारी में भूमिका निभाई थी, जो आईजी पूरन कुमार का पीएसओ था। मृतक आईजी का नाम हाल ही में एक रिश्वत कांड में सामने आया था। यह मामला एक शराब ठेकेदार द्वारा हेड कांस्टेबल सुशील कुमार के खिलाफ दर्ज कराई गई रिश्वतखोरी की शिकायत से जुड़ा है। ठेकेदार ने आरोप लगाया कि सुशील कुमार ने रोहतक में तैनाती के दौरान पूरण कुमार के नाम पर 2.5 लाख रुपये मांगे थे।
2001 बैच के अधिकारी कुमार अधिकारियों के अधिकारों, वरिष्ठता और अन्य मुद्दों से संबंधित मामलों में अपने हस्तक्षेप के लिए जाने जाते थे। चंडीगढ़ पुलिस ने पूरण कुमार मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है।



