भोजनालयों पर मालिकों के नाम प्रर्दिशत करने के आदेश पर न्यायालय की अंतरिम रोक का ‘आप’ ने स्वागत किया

नयी दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) ने कावंड़ यात्रा के रास्ते में आने वाले भोजनालय, रेस्तरां एवं खानपान की दुकानों पर उनके मालिकों के नाम प्रर्दिशत करने के उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश सरकारों के कथित ‘दलित विरोधी’ आदेश पर उच्चतम न्यायालय द्वारा लगाई गई अंतरिम रोक का सोमवार को स्वागत करते हुए शीर्ष अदालत को धन्यवाद दिया।

दिल्ली की राजस्व मंत्री आतिशी ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दलित विरोधी है। हाल के लोकसभा चुनाव में भाजपा का एक लक्ष्य आरक्षण को समाप्त करना था। वे क्यों 400 पार का नारा लगा रहे थे? पूरे देश के दलितों ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। इसका बदला लेने के लिए भाजपा सरकारों ने ऐसे आदेश दिए।’’

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों ने आदेश जारी कर कावंड यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले रेस्तरां, खाने पीने की दुकानों पर उनके मालिकों के नाम प्रर्दिशत करने का आदेश दिया था। इसके अलावा मध्यप्रदेश के उज्जैन नगर निगम ने भी दुकानदारों को अपने नाम और मोबाइल फोन नंबर अपने-अपने प्रतिष्ठानों के बाहर प्रर्दिशत करने का आदेश दिया था।

आतिशी ने कहा, ‘‘ंिहदुओं में पुरानी मान्यता थी कि दलितों के घर का भोजन नहीं खाना चाहिए, लेकिन आज के समय में इस तरह की मान्यताएं समाप्त हो रही हैं। सभी राजनीतिक दलों को ऐसी मान्यताओं को समाप्त करने के लिए काम करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ जब भाजपा सरकारों ने जाति और उपनाम प्रर्दिशत करने का आदेश दिया तो इसका अभिप्राय है कि कावंड़ यात्री दलितों द्वारा संचालित भोजनालयों का खाना नहीं खाएं। मैं उच्चतम न्यायालय को इस दलित विरोधी आदेश पर रोक लगाने के लिए धन्यवाद देती हूं।’’

न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति एस. वी. एन. भट्टी की पीठ ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश सरकारों को नोटिस जारी किया और उनसे निर्देश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जवाब देने को कहा। इस बीच, आतिशी ने सोमवार ने कहा कि कावंड़ यात्रियो का स्वागत करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में 185 शिविर स्थापित करेंगे।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के रास्ते 15 से 20 लाख कावंड़ यात्री गुजरने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि दिल्ली में कावंड़ियों का आना 25 जुलाई से शुरू होगा और आने वाले दिनों में इन शिविरों का निर्माण पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में उनके रहने खाने और चिकित्सा की सुविधा होगी।

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