अडाणी ने तीन-चार साल में 23 अरब डॉलर का कर्ज चुकाने की उम्मीद जताई

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 30 Mar 2023 07:09 PM
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नयी दिल्ली. संकट में फंसा अडाणी समूह ने अपनी स्थिति सुदृढ़ करने की रणनीति के तहत अगले तीन से चार साल में लगभग 23 अरब डॉलर का कर्ज लौटाने की उम्मीद जताई है. समूह इसके लिये समुद्री बंदरगाह से लेकर हवाई अड्डा, ऊर्जा समेत अपने सभी कारोबार से कमाई में 20 प्रतिशत वृद्धि का भरोसा कर रहा है. सूत्रों ने यह जानकारी दी.

अडाणी समूह के अधिकारियों ने पिछले तीन हफ्तों में बैंक अधिकारियों, बॉन्ड धारकों, विश्लेषकों और सिंगापुर से लेकर अमेरिका तक के निवेशकों से मुलाकात की है. इन बैठकों का मकसद अमेरिकी वित्तीय शोध और निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद समूह से जुड़े पक्षों में जो ंिचता है, उसे दूर करना था.

हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में 135 अरब डॉलर की कमी आई है. मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इन बैठकों में अडाणी ने समूह के कारोबार में वृद्धि के बारे में जानकारी दी. समूह अपने ऊर्जा कारोबार में दक्षता बढ़ाने के साथ अब तेज गति से विस्तार की जगह कर्ज में कमी लाने पर ध्यान दे रहा है. समूह की कंपनियों में कर पूर्व कमाई (ईबीआईटीडीए) में 20 प्रतिशत की वृद्धि से कर्ज से पार पाने में मदद मिलेगी.

सूत्रों के अनुसार वर्ष 2013 से 2022 के दौरान समूह की कंपनियों की कमाई सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़ी है. और कमाई में 20 प्रतिशत की वृद्धि से 2025 तक कर्ज-ईबीआईटीडीए अनुपात मौजूदा 7.6 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत पर आ जाएगा. कर्ज/ईबीआईटीडीए (ब्याज, कर, मूल्य ह्रास और कर्ज समेत भौतिक संपत्तियों के अलावा अन्य संपत्तियों के मूल्य में कमी से पूर्व आय) अनुपात कंपनी की अपने कर्ज लौटाने की क्षमता को बताता है. अगर यह अनुपात ज्यादा है तो यह संकेत है कि उसके ऊपर कर्ज काफी अधिक है.

सूत्रों के अनुसार कंपनी प्रबंधन ने निवेशकों से कहा कि एक बार राजस्व बढ़ने लगेगा, तो कर्ज अनुपात नीचे आएगा. अडाणी समूह की वर्तमान में कर पूर्व आय 61,200 करोड़ रुपये है. उसका कर्ज शुद्ध रूप से 1.89 लाख करोड़ रुपये (करीब 23 अरब डॉलर) है. सूत्रों ने प्रबंधन की तरफ से बैठक में कही गयी बातों का हवाला देते हुए कहा कि समूह ने अबतक 50 करोड़ डॉलर का कर्ज चुकाया है और कमाई में वृद्धि के साथ अगले तीन से चार साल में ज्यादातर ऋण लौटा देगा. समूह को सीमेंट, नवीकरणीय ऊर्जा, बंदरगाह और सड़क कारोबार से कमाई बढ़ने की उम्मीद है. समूह पर कुल कर्ज में 37 प्रतिशत बॉन्ड के रूप में, 31 प्रतिशत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का और आठ प्रतिशत निजी क्षेत्र के बैंकों का है.

हिंडनबर्ग रिसर्च ने इस साल 24 जनवरी को अपनी रिपोर्ट में अडाणी समूह पर खाते में गड़बड़ी करने और कर्ज बहुत अधिक होने की बात कही थी. हालांकि, समूह ने रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए उसे पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया था. इस रिपोर्ट के बाद समूह की 10 सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर भाव में काफी गिरावट आई है.

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