संसद में संबोधन, याद वाशेम दौरा, जानिए पीएम मोदी के इस्राइली दौरे में क्या होगा खास

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से इस्राइल के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी की इस्राइल यात्रा का वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भी बेसब्री से इंतजार है। उन्होंने पीएम मोदी की यात्रा को ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि पीएम मोदी का ये दौरा दोनों देशों के मजबूत संबंधों को दर्शाता है। रविवार को साप्ताहिक सरकारी बैठक की शुरुआत में नेतन्याहू ने कहा, ‘हाल के वर्षों में इस्राइल और वैश्विक शक्ति भारत के बीच के संबंध मजबूत हुए हैं। मैं और पीएम मोदी, हम व्यक्तिगत मित्र हैं। हम अक्सर फोन पर बात करते हैं और एक दूसरे से मिलने जाते हैं।’ उन्होंने कहा पीएम मोदी की आगामी यात्रा आर्थिक, राजनयिक और सुरक्षा क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करेगी।

पीएम मोदी के इस्राइल दौरे पर क्या होगा खास

इस्राइली प्रधानमंत्री ने बताया कि पीएम मोदी अपने दौरे पर इस्राइली संसद नेसेट में भाषण देंगे और यरूशलम में एक नवाचार कार्यक्रम में भाग लेंगे। वे होलोकॉस्ट पीड़ितों के लिए इस्राइल के आधिकारिक स्मारक, याद वाशेम भी जाएंगे। नेतन्याहू ने बताया कि दोनों देशों के बीच एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग समेत उच्च तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को भी बढ़ावा देने पर बात होगी।

भारत ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी की, जो वैश्विक दक्षिण में पहला अंतरराष्ट्रीय एआई शिखर सम्मेलन रहा। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में नेतन्याहू ने पीएम मोदी के इस्राइल दौरे को ऐतिहासिक बताया।

उन्होंने लिखा ‘इस्राइल और भारत के बीच का रिश्ता दो वैश्विक नेताओं का एक शक्तिशाली गठबंधन है। हम नवाचार, सुरक्षा और साझा रणनीतिक दृष्टिकोण में भागीदार हैं। हम साथ मिलकर स्थिरता और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध राष्ट्रों का एक गठबंधन बना रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लेकर क्षेत्रीय सहयोग तक हमारी साझेदारी नई ऊंचाइयों को छू रही है। यरूशलम में आपसे मिलने की उम्मीद है, पीएम मोदी।’

इस्राइली राजदूत बोले- दोनों देश मिलकर भविष्य का निर्माण कर रहे

पीएम मोदी का यह दूसरा इस्राइली दौरा होगा। इससे पहले वे 2017 में इस्राइल दौरे पर गए थे। भारत में इस्राइल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा, ‘भारत-इस्राइल संबंधों के लिए एक रोमांचक क्षण है। हम प्रधानमंत्री मोदी का इस्राइल में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। जब भारत और इस्राइल साथ आते हैं तो सिर्फ बैठकें नहीं होतीं, यह विश्वास पर आधारित, नवाचार से संचालित और वर्तमान समय की चुनौतियों की साफ समझ की साझेदारी है।’

रूवेन अजार ने कहा, ‘दुनिया तेजी से बदल रही है और खतरे भी बढ़ रहे हैं। इनसे निपटने के लिए हम अपने सुरक्षा समझौतों के जरिए सक्षा संबंधों को मजबूत करेंगे। साथ ही परिवहन, जल, कृषि और शैक्षणिक सहयोग को भी आगे बढ़ाया जाएगा। भारत और इस्राइल केवल साझेदार नहीं हैं बल्कि सच्चे दोस्त हैं और मिलकर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।’

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