दिशा सालियान की मौत पर पुलिस के हलफनामे पर बोले आदित्य: बदनाम करने की कोशिश के बाद भी चुप रहा

दिशा सालियान ने आत्महत्या की, जांच में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई: पुलिस ने अदालत से कहा

मुंबई. दिशा सालियान की मौत के मामले में विरोधी दलों द्वारा निशाना बनाए गए शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने बृहस्पतिवार को पुलिस के हलफनामे पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया जिसमें युवती की मृत्यु के संबंध में किसी भी तरह की आपराधिक साजिश से इनकार किया गया है. ठाकरे ने कहा कि वह बदनाम करने के प्रयासों के बावजूद चुप रहे. हालांकि, उनके धुर विरोधी और महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि सालियान को न्याय मिलेगा क्योंकि “पिक्चर अभी बाकी है.”

जब पत्रकारों ने बृहस्पतिवार को विधान भवन परिसर में ठाकरे से पुलिस के हलफनामे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “पिछले पांच सालों से कुछ लोग मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. मैंने उस समय उन्हें जवाब नहीं दिया और अब भी कोई जवाब नहीं दूंगा.” ठाकरे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए मत्स्य पालन एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मामला अब भी अदालत में लंबित है.

विधान भवन परिसर में राणे ने कहा, “जो खबर बताई जा रही है, वह 17 जून के एसआईटी हलफनामे पर आधारित है. हालांकि, दिशा सालियान के पिता ने इसे चुनौती देते हुए एक और हलफनामा दायर किया है. इसलिए, मामला अभी खत्म नहीं हुआ है.” उन्होंने कहा, “एसआईटी रिपोर्ट पर अदालत की टिप्पणियों की अलग व्याख्या नहीं की जानी चाहिए. दिशा के पिता द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं और मामला विचाराधीन है. अगली सुनवाई 16 जुलाई को होनी है.” एक लोकप्रिय फिल्मी संवाद का उपयोग करते हुए भाजपा नेता ने कहा, “पिक्चर अभी बाकी है… दिशा सालियान को न्याय मिलेगा.” इस संबंध में ठाकरे द्वारा दायर मानहानि की शिकायत का स्वागत करते हुए राणे ने कहा, “मैं इसका स्वागत करता हूं. अदालत में सच्चाई सामने आनी चाहिए.”

फडणवीस को आदित्य से माफी मांगनी चाहिए: राउत ने दिशा सालियान मौत मामले में कहा

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य के मंत्री नितेश राणे से बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें दिशा सालियान मौत मामले में शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य ठाकरे के खिलाफ की गई अपनी पिछली टिप्पणियों के लिए माफी मांगनी चाहिए.  राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”पुलिस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दिशा सालियान की मौत के मामले में आदित्य ठाकरे की कोई संलिप्तता नहीं थी. फिर भी उनकी छवि खराब करने और उन्हें अपमानित करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया गया.” राज्यसभा सदस्य ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस को (आदित्य) ठाकरे से माफी मांगनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ”(भाजपा सांसद) नारायण राणे के बेटे, (नीतेश राणे) जो कैबिनेट मंत्री भी हैं, को न केवल आदित्य ठाकरे से बल्कि महाराष्ट्र के लोगों से भी माफी मांगनी चाहिए.” राउत ने कहा कि जिन लोगों ने निराधार आरोप लगाए हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा, ”राजनीतिक लाभ के लिए दूसरों को बदनाम करने वालों को एक दिन भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.” अदालत में दाखिल किए गए पुलिस के हलफनामे के बारे में पूछे जाने पर गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा, ”जांच अभी जारी है. अभी तक कोई ‘क्लोजर रिपोर्ट’ दाखिल नहीं की गई है.”

दिशा सालियान ने आत्महत्या की, जांच में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई: पुलिस ने अदालत से कहा

मुंबई पुलिस ने बंबई उच्च न्यायालय से कहा कि पूर्व ‘सेलिब्रिटी मैनेजर’ दिशा सालियान ने आत्महत्या की है और उनकी मौत के मामले में कोई साजिश नहीं पाई गई. इस बीच, दिशा के पिता सतीश सालियान ने फिर से आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और उसकी हत्या की गई.

पुलिस ने अदालत में पिछले महीने दाखिल किए गए हलफनामे में कहा कि दिशा सालियान ने फ्लैट की खिड़की से ”अपनी मर्जी से” छलांग लगाई थी और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक युवती पर यौन और/या शारीरिक हमले का किसी प्रकार का संकेत मिलने का कोई जिक्र नहीं है.

हलफनामे में कहा गया है कि दिशा अपने परिवार के साथ विवाद और कारोबारी परेशानियों के कारण काफी तनाव में थी.
दिशा की आठ जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके स्थित एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के कारण मौत हो गई थी. तब शहर की पुलिस ने एक आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की थी.

सतीश सालियान ने इस साल मार्च में उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर अपनी बेटी की मौत के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे-उबाठा) विधायक आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने का अनुरोध किया था.

याचिका में उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी जून 2020 में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाई गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या की गई तथा बाद में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए राजनीतिक रूप से सुनियोजित योजना के तहत मामले को छुपाया गया. याचिका बुधवार को न्यायमूर्ति ए एस गडकरी की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई, जिसने इसकी आगे की सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख तय की.

हालांकि, मामले की सबसे पहले जांच करने वाली मालवणी पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा कि दिशा सालियान ने आत्महत्या की थी. मालवणी पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक शैलेंद्र नागरकर द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है कि दिशा सालियान अपने परिवार के साथ विवाद और अपने व्यापार संबंधी परेशानियों के कारण काफी तनाव में थी. उसने कहा कि घटना के समय दिशा नशे में थी और यहां तक ??कि उसके साथ उस समय मौजूद उसके मंगेतर ने भी किसी भी तरह की साजिश या संदेह से इनकार किया है.

पुलिस अधिकारी ने हलफनामे में कहा, ”परिस्थितियों और गवाहों के बयानों के मद्देनजर मैं कहना चाहता हूं कि दिशा सालियान ने फ्लैट की खिड़की से अपनी मर्जी से कूदकर आत्महत्या की.” हलफनामे में कहा गया है कि यहां तक ??कि उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी मौत के बारे में किसी भी तरह के संदेह का संकेत नहीं देती है. पुलिस ने यह भी कहा कि सतीश सालियान द्वारा अपनी याचिका में दिए गए तर्क निराधार है. उसने कहा कि पुलिस द्वारा दायर ‘क्लोजर रिपोर्ट’ वैज्ञानिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर आधारित थी.

हलफनामे में कहा गया है, ”रिपोर्ट की प्रकृति निर्णायक है और इसमें मृतक युवती पर यौन और/या शारीरिक हमले के किसी संकेत का जिक्र नहीं है.” इसमें यह भी दावा किया गया है कि ‘क्लोजर रिपोर्ट’ दाखिल होने के बाद मामले में आगे की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था और यहां तक ??कि एसआईटी के निष्कर्ष भी पुलिस के पहले के निष्कर्षों से मेल खाते हैं.

हलफनामे में कहा गया है, ”आगे की जांच अभी जारी है.” सतीश सालियान ने हालांकि बुधवार को दायर एक आवेदन में कहा कि संज्ञेय अपराध के होने का खुलासा करने वाली जानकारी प्राप्त होने पर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए और फिर जांच करनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि एसआईटी प्राथमिकी दर्ज किए बिना सामूहिक बलात्कार और हत्या के गंभीर मामले की जांच कर रही है जो पूरी तरह से अवैध है.

उन्होंने दावा किया कि अदालत के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की गई है क्योंकि हलफनामा महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव से मांगा गया था, पुलिस से नहीं. इस बीच, आदित्य ठाकरे ने भी मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए एक अर्जी दायर की और अदालत से आग्रह किया कि कोई भी आदेश पारित किए जाने से पहले उनकी बात सुनी जाए. ठाकरे ने अपने आवेदन में दावा किया कि सतीश सालियान द्वारा दायर याचिका झूठी, तुच्छ और किसी मकसद से प्रेरित है.

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