
मोरबी/नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि बिहार चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद, भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव भी जीतेगा और वहां सरकार बनाएगा. गुजरात के मोरबी शहर में भाजपा के नवनिर्मित जिला मुख्यालय का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए, शाह ने कांग्रेस पर अपनी वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों का समर्थन करने और उन्हें बचाने का भी आरोप लगाया.
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष शाह ने कहा कि उनकी पार्टी हर एक घुसपैठिए को देश से बाहर निकालने का पक्का इरादा रखती है. उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का कोई अधिकार नहीं है. भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने के लिए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा. एसआईआर पर शाह की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कड़े शब्दों में लिखे पत्र के एक दिन बाद आई है. ममता बनर्जी ने इस अभ्यास को तुरंत रोकने की मांग की.
शाह ने कहा, ”जब बिहार चुनाव के लिए प्रचार अभियान जारी था, तो दिल्ली के राजनीतिक पंडितों ने भविष्यवाणी की थी कि भाजपा और राजग इस बार सफल नहीं होंगे और हम पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आने वाले विधानसभा चुनाव भी हार जाएंगे, लेकिन बिहार के लोगों ने राजग को दो-तिहाई बहुमत दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमारी सरकार बनी.”
भाजपा नेता ने कहा, ”और आज, मैं उन सभी राजनीतिक पंडितों को बताना चाहता हूं, जिन्होंने बिहार चुनाव के दौरान भाजपा के कमजोर होने की भविष्यवाणी की थी, कि भाजपा और राजग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी सरकार बनाएंगे.” शाह ने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ शुरू की थी. उन्होंने कहा, ”यह चौंकाने वाला था, क्योंकि जिस पार्टी ने भारत की आजादी की लड़ाई की अगवाई की, वह मांग कर रही है कि घुसपैठियों को भारत में रहने दिया जाए. जरा कांग्रेस का पतन तो देखिए.”
नयी श्रम संहिता श्रम कानूनों के इतिहास में सबसे बड़ा सुधार: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को चार श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन पर देश के सभी श्रमिकों को बधाई दी और इन्हें श्रम कानूनों के इतिहास में ”सबसे बड़ा सुधार” करार दिया. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, महिला श्रमिकों के लिए समान अवसर और गिग तथा असंगठित श्रमिकों को कानूनी मान्यता की गारंटी देने वाली ये संहिताएं श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाएंगी.
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तैयार की गई ये संहिताएं ”श्रम कानूनों के इतिहास में सबसे बड़ा सुधार” हैं. गृह मंत्री ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण संबंधी प्रयासों में तेजी लाकर ये संहिताएँ दुनिया भर के श्रम कानूनों के लिए आदर्श साबित होंगी. केंद्र ने शुक्रवार को 2020 से लंबित चार श्रम संहिताओं को लागू कर दिया, जिनमें सभी के लिए समय पर न्यूनतम वेतन और सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा जैसे श्रमिक-अनुकूल उपायों को शामिल किया गया है, जिसमें गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक भी शामिल हैं. वहीं, लंबे समय तक काम करने के घंटे, व्यापक निश्चित अवधि के रोजगार और नियोक्ता के अनुकूल छंटनी के नियमों की अनुमति दी गई है.



