भाजपा के बाद विपक्षी बीजद ने भी विधायकों के वेतन में प्रस्तावित वृद्धि पर पुर्निवचार का अनुरोध किया

भुवनेश्वर: विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने शुक्रवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से विधानसभा में विधायकों के वेतन और भत्तों में प्रस्तावित वृद्धि पर पुर्निवचार करने का आग्रह किया। इससे एक दिन पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों द्वारा सदन के नेता से इसी तरह का अनुरोध किया गया था।

ओडिशा विधानसभा ने नौ दिसंबर को अपने शीतकालीन सत्र के समापन दिवस पर विधायकों, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के वेतन में तीन गुना वृद्धि करने के प्रस्ताव वाले चार विधेयकों को पारित किया था। भाजपा, बीजद और कांग्रेस के समर्थन से ये विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुए। हालांकि, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का इकलौता सदस्य सदन से अनुपस्थित रहा और उन्होंने विधेयकों का विरोध किया।

विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह अनुरोध वेतन वृद्धि के खिलाफ जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘विधायकों के वेतन और भत्तों में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बीजद मुख्यमंत्री से इस पर पुर्निवचार करने का अनुरोध करता है। हालांकि, हमने इस संबंध में विधेयकों का समर्थन किया था लेकिन यह अनुरोध जनता की राय को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।’’

भाजपा विधायकों ने बृहस्पतिवार को एक बैठक में मुख्यमंत्री से प्रस्ताव पर पुर्निवचार करने का अनुरोध किया। विधानसभा में पारित विधेयकों में विधायकों के मासिक पैकेज को 1.11 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.45 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो गए हैं और राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिए गए हैं।

माकपा सहित कई संगठनों ने राज्यपाल को याचिकाएं सौंपकर उनसे इन विधेयकों पर जनता के प्रतिकूल रुख को देखते हुए मंजूरी न देने का अनुरोध किया है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने विधायकों और आम लोगों के बीच आय के अंतर को उजागर किया और बताया कि एक विधायक की वार्षिक आय अब लगभग 41.4 लाख रुपये है।

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