देश में एड्स से जुड़ी मौतों में 79% की गिरावट, नये मामले 44% घटे : स्वास्थ्य मंत्री

इंदौर. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को बताया कि देश में वर्ष 2010 के मुकाबले 2023 में एड्स के नये मामलों में 44 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी जबकि एचआईवी संक्रमण से जुड़ी मौतों में 79 प्रतिशत की कमी देखी गयी.
उन्होंने वर्ष 2030 तक एड्स के खात्मे के सतत विकास लक्ष्य के प्रति देश की तेज प्रगति का ब्यौरा देते हुए यह बात कही.

नड्डा ने विश्व एड्स दिवस पर इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में सरकारी आंकड़ों के हवाले से बताया कि देश में फिलहाल करीब 17.30 लाख लोग एड्स से पीड़ित हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्ष 2030 तक एड्स को जड़ से मिटाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र का सतत विकास लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत सरकार प्रतिबद्ध है. नड्डा ने बताया कि इस लक्ष्य को पाने के लिए जांच और चिकित्सा के नवीन उपाय अपनाए जाएंगे तथा एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 2017 को पूरी तरह लागू किया जाएगा.

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने 2030 तक एड्स के खात्मे के लक्ष्य के मद्देनजर ’95-95-95′ का फॉर्मूला तय किया है यानी देश के 95 प्रतिशत मरीजों को पता होना चाहिए कि वे एचआईवी से संक्रमित हैं, 95 प्रतिशत मरीजों को इलाज मिलना चाहिए और एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी की दवाओं के जरिये 95 प्रतिशत मरीजों का ”वायरल लोड” घटाया जाना चाहिए.

नड्डा ने बताया, ”मैं आपके साथ यह बात साझा करना चाहता हूं कि फिलहाल देश के 81 प्रतिशत मरीजों को पता है कि वे एचआईवी से संक्रमित हैं, 88 प्रतिशत मरीजों का इलाज किया जा रहा है और 97 प्रतिशत मरीजों का वायरल लोड घटाया जा चुका है.” उन्होंने बताया कि 2010 के मुकाबले 2023 के दौरान भारत में एड्स के नये मामलों में 44 प्रतिशत की कमी आई है और देश की यह दर एचआईवी संक्रमण के मामले घटने की 39 फीसदी की वैश्चिक दर से अधिक है. स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि इस अवधि के दौरान देश में एड्स से जुड़ी मौतें 79 प्रतिशत घटी हैं.

नड्डा ने बताया कि फिलहाल 0.70 प्रतिशत वैश्विक आबादी में एड्स का प्रसार है जबकि भारत में यह 0.20 फीसद के स्तर पर है.
उन्होंने बताया कि एड्स के खिलाफ देश की लम्बी लड़ाई के बाद इस बीमारी के खिलाफ मजबूत चिकित्सा तंत्र विकसित किया गया है.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मरीजों को एड्स की दवा मुफ्त में दे रही है और किसी मरीज के एचआईवी संक्रमित पाए जाते ही उसे दवा दिए जाने का प्रावधान किया गया है.

नड्डा ने यह भी बताया कि भारतीय दवा कंपनियां अफ्रीका, दक्षिण अफ्रीका और लैटिन अमेरिका को एड्स की सबसे सस्ती और प्रभावी दवाओं की आपूर्ति कर रही हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने एड्स के खतरों के प्रति युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि वे अपनी त्वचा पर टैटू (गोदना) बनवाते वक्त एहतियात बरतें.

उन्होंने कहा,”आज हमें पता चल रहा है कि लोग टैटू बनवाने के कारण भी एड्स से पीड़ित हो रहे हैं. मैं युवाओं को इस खतरे के प्रति जागरूक करना चाहता हूं.” नड्डा ने विश्व एड्स दिवस पर लोगों से अफवहानों पर ध्यान न देने और एड्स से पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशील रवैया अख्तियार करते हुए उनके मानवाधिकारों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की अपील की .

उन्होंने कहा कि नियम-कानूनों के तहत यह भी सुनिश्चित किया जाए कि रोजगार और अन्य क्षेत्रों में एचआईवी संक्रमितों के साथ कोई भी भेदभाव न हो. कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि 2030 के सतत विकास लक्ष्य से दो साल पहले यानी 2028 तक राज्य को एड्स से मुक्त करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘जियो और जीने दो’ का सिद्धांत अपनाते हुए आयुष्मान भारत वय वंदन योजना को अमली जामा पहना रही है और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही है.

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