
वाशिंगटन: अमेरिका के इतिहास में पहली बार, 21 वर्षीय एक सिख मरीन ने पगड़ी पहनकर और दाढ़ी रखते हुए विशिष्ट ‘यूएस मरीन कोर्प’ का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। ‘द वांिशगटन टाइम्स’ की खबर के मुताबिक, सैन डिएगो स्थित केंद्र में जसकीरत ंिसह ने सिख धर्म में पवित्र माने जाने वाले ‘‘आस्था के प्रतीकों’’ का त्याग किए बगैर अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।
एक संघीय अदालत ने इस साल अप्रैल में सेना में भर्ती होने वाले लोगों की धार्मिक मान्यताओं को छूट देने का आदेश दिया था। तीन सिखों के साथ ही यहूदी एवं मुस्लिम उम्मीदवारों द्वारा किए गए मुकदमे के करीब एक साल बाद यह आदेश आया था।
मिलिट्री डॉट कॉम ने ‘सिख कोलिशन’ के हवाले से बताया कि ंिसह पगड़ी पहनने तथा दाढ़ी रखने वाले संभवत: पहले मरीन हैं।
पिछले साल एक संघीय अपीलीय अदालत ने ंिसह को बाल और दाढ़ी हटाए बगैर प्रशिक्षण में भाग लेने का आदेश दिया था। अदालत ने ंिसह को पगड़ी तथा पटका पहनने की भी अनुमति दे दी थी। ‘मैसेंजर’ समाचार वेबसाइट ने ंिसह के हवाले से कहा, ‘‘भर्ती प्रशिक्षण पूरा करना एक उपलब्धि है जिसे मैं अपनी बटालियन के भाइयों और बहनों के साथ साझा करते हुए गर्व महसूस कर रहा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सिख आस्था के अपने प्रतीकों के साथ इसे पूरा किया है, जो मेरे लिए निजी रूप से काफी मायने रखता है।’’



