
कोलकाता. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महुआ मोइत्रा से जुड़े ”पैसे लेकर सवाल पूछने” के मामले का परोक्ष रूप से संदर्भ देते हुए बुधवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसदों ने रिश्वत और उपहार लेकर संसद की गरिमा से समझौता किया. कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने लोगों से राज्य सरकार को उखाड़ फेंकने तथा अगले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनने का आग्रह किया.
शाह ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ”टीएमसी सांसदों ने संसद की गरिमा को भी तार-तार किया. क्या सवालों के बदले उपहार और रिश्वत मांगने वाले सांसद पश्चिम बंगाल में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं? टीएमसी ने भ्रष्टाचार के कारण पश्चिम बंगाल की प्रतिष्ठा पर दाग लगाया है.” शाह की टिप्पणी ऐसे वक्त आई है, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पिछले सप्ताह कहा था कि भाजपा मोइत्रा को संसद से निष्कासित करने की योजना बना रही है. बनर्जी ने कहा था कि इस तरह की कार्रवाई से 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले कृष्णानगर की सांसद मोइत्रा को फायदा होगा.
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पिछले महीने मोइत्रा के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन पर अडाणी समूह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाने के लिए कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के कहने पर सदन में सवाल उठाने के लिए धन लेने का आरोप लगाया गया था.
भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर के नेतृत्व वाली लोकसभा की आचार समिति ने मोइत्रा के खिलाफ आरोपों पर अपनी रिपोर्ट इस महीने की शुरुआत में अध्यक्ष कार्यालय को सौंपी थी. समिति में बहुमत से सर्मिथत रिपोर्ट में मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की गई, जिसमें उन पर कारोबारी के इशारे पर संसद में सवाल उठाने के लिए धन स्वीकार करने का आरोप लगाया गया.
जवाब में, मोइत्रा ने फैसले को ”कंगारू अदालत द्वारा पूर्व-निर्धारित मैच” के रूप में खारिज कर दिया और इसे ”संसदीय लोकतंत्र की मौत” करार दिया.
भाषा



