सेना प्रमुख मनोज पांडे ने भूटान के राजा से भेंट की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 31 Jul 2022 08:37 PM
सेना प्रमुख मनोज पांडे ने भूटान के राजा से भेंट की

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नयी दिल्ली. थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से भेंट की और स्थायी रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया. सेना प्रमुख ने भूटान के अन्य शीर्ष प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की.

भूटानी क्षेत्र के आसपास डोकलाम पठार में चीन द्वारा सैन्य बुनियादी ढांचे के विस्तार के प्रयासों को लेकर भारत की बढ़ती ंिचताओं की पृष्ठभूमि में जनरल पांडे भूटान की यात्रा पर हैं. सूत्रों ने बताया कि थिम्फू में वार्ता के दौरान जनरल पांडे ने क्षेत्रीय रक्षा और सुरक्षा चुनौतियों, पठार और आसपास के क्षेत्रों में चीनी गतिविधियों और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने के तौर-तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया.

सेना प्रमुख की भूटान यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत ने थिम्फू की आवश्यकताओं के अनुसार भूटान को 5,000 मीट्रिक टन गेहूं और 10,000 मीट्रिक टन चीनी के निर्यात को मंजूरी दी है. गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में भारत ने देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दो वस्तुओं के निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया था.

सेना ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘जनरल मनोज पांडे ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के पहलुओं पर चर्चा की.’’ सूत्रों ने कहा कि जनरल पांडे ने अपने भूटानी समकक्ष लेफ्टिनेंट जनरल बी. शेंिरग के साथ डोकलाम ट्राई-जंक्शन की समग्र स्थिति सहित सभी प्रमुख मुद्दों पर व्यापक चर्चा की.

सेना प्रमुख की भूटान यात्रा से कुछ दिनों पहले नयी उपग्रह तस्वीरें सामने आईं थीं, जिससे संकेत मिला था कि भूटान की ओर डोकलाम पठार के पूर्व में चीन एक गांव का निर्माण कर रहा है. यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो रणनीतिक रूप से भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. तस्वीरें सामने आने के बाद, विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित सभी घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखता है और अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक उपाय करता है.

By Yogesh Kumar Sahu