कर्नाटक में अंतरधार्मिक जोड़े पर हमला मामले ने लिया राजनीतिक रंग

हावेरी/बेंगलुरू. कर्नाटक के हावेरी जिले में एक अंतरधार्मिक जोड़े पर हमला मामले में नया मोड़ आ गया, जब महिला ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया. इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे को लेकर सिद्धरमैया सरकार पर निशाना साधा.

पुलिस ने कहा कि हावेरी जिले के हंगल में एक होटल के कमरे में कथित तौर पर घुसकर जोड़े पर हमला करने वाले सात लोगों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया गया है. पुलिस के अनुसार महिला ने शिकायत की थी कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया था.
उसने बताया कि आठ जनवरी की घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो अल्पसंख्यक समुदाय से हैं.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया,” बृहस्पतिवार को पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए जिसमें उसने आरोप लगाया कि सात लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था. उन लोगों ने महिला के साथ मारपीट भी की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया.” उन्होंने बताया, ”महिला के दावे के बाद हमने प्राथमिकी में धारा 376 डी जोड़ दी है. हमने इस घटना के संबंध में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.”

उन्होंने कहा, ” एक अन्य संदिग्ध इस घटना के एक दिन बाद एक दुर्घटना का शिकार हो गया और अस्पताल में भर्ती है. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे हिरासत में लिया जाएगा. हमारी टीम इस मामले के अन्य संदिग्धों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. हमने सब की पहचान कर ली है.” भाजपा की कर्नाटक इकाई ने इस घटना को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि बड़े पैमाने पर अराजकता को दर्शाती है. पार्टी ने आरोप लगाया कि अपराधियों को पुलिस का डर नहीं रह गया है और सरकार ”सो रही है.”

इस घटना के बारे में पूछे जाने पर राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ”यह नैतिक ठेकेदारी का सवाल नहीं है. एक महिला एक व्यक्ति के साथ लॉज में जाती है. कई लोगों ने उसे किसी के साथ जाते देखा और पूछताछ की और अब दो दिन बाद वह सामने आ कर कह रही है कि उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया.” उन्होंने कहा, ”पुलिस ने एक मामला दर्ज किया गया है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं. जांच चल रही है. एक बार जांच पूरी हो जाए और तथ्य सामने आ जाएं तो पुलिस तदनुसार आगे कार्रवाई करेगी.” परमेश्वर ने जोर दिया कि कर्नाटक में कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने भाजपा पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

भाजपा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आरोप लगाया कि हावेरी की घटना “राज्य में कानून व्यवस्था के पूरी तरह से खराब होने का गंभीर परिणाम” है. पार्टी ने आरोप लगाया, ”हावेरी में एक मुस्लिम महिला का चौंकाने वाला यौन उत्पीड़न सिद्धरमैया नीत कांग्रेस सरकार के तहत कानून व्यवस्था में पूरी तरह से गिरावट का गंभीर परिणाम है. मुस्लिम युवकों का दुस्साहस, दिनदहाड़े अंतरधार्मिक जोड़े पर बेरहमी से हमला और अपहरण नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार की विफलता को उजागर करता है.ह्व

भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए परमेश्वर ने कहा, ”…और भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहती है…. इससे राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है. हम हर मामले पर गौर करते हैं. कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है.” पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने आरोप लगाया कि जहां तक नैतिक ठेकेदारी का का सवाल है, राज्य सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा दोहरा मापदंड अपनाया गया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि हावेरी पुलिस ने मामले को रफादफा करने की कोशिश की और पीड़िता से यह बयान लेने की कोशिश कर रही थी कि सामूहिक बलात्कार नहीं हुआ था. उन्होंने कहा, ”लेकिन पीड़िता बहुत साहसी है. उसने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दिया है. इसके बाद उन्होंने दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है.”

इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से इस मामले के आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों को लागू करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है. आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि अगर तीन दिन के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता है, तो निकाय एक टीम वहां भेजेगी. आयोग के अनुसार उसने कर्नाटक के डीजीपी को लिखे पत्र में कहा कि यह घटना भयावह है और उसने मामले को गंभीरता से लिया है. आयोग ने कहा कि मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच पूरी होनी चाहिए और सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए.

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