नहीं टूटा आस्ट्रेलिया का तिलिस्म, भारतीय हॉकी टीम को रजत से करना पड़ा संतोष

बर्मिंघम. राष्ट्रमंडल खेलों में आस्ट्रेलिया का वर्चस्व तोड़ने का भारत का सपना अधूरा ही रहा और एकतरफा फाइनल में इस दिग्गज टीम के हाथों 0 . 7 से शर्मनाक हार के बाद उसे रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा . तोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम को हर विभाग में आस्ट्रेलिया ने बौना साबित कर दिया . दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 की कड़वीं यादें हॉकी प्रेमियों के जेहन में फिर ताजा हो गई जब फाइनल में आस्ट्रेलियाई टीम ने भारत को 8 . 0 से हराया था .

लीग चरण में अपराजेय और पूल में शीर्ष रहने वाली भारतीय टीम बिल्कुल फॉर्म में नहीं दिखी . फॉरवर्ड पंक्ति में तालमेल नहीं था और डिफेंस को आस्ट्रेलिया ने पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया . उस पर कप्तान मनप्रीत ंिसह को कंधे में लगी चोट ने भारत का प्रदर्शन बुरी तरह प्रभावित किया .

आस्ट्रेलिया के लिये ब्लैक गोवर्स (नौवां मिनट), नाथन एफराम्स (14वां और 42वां मिनट ), जैकब एंडरसन (22वां और 27वां मिनट), टॉम विकहैम (26वां मिनट) और फिन ओगिलवी (46वां मिनट) ने गोल दागे . राष्ट्रमंडल खेलों में 1998 में हॉकी को शामिल किये जाने के बाद से सभी सात स्वर्ण आस्ट्रेलिया ने जीते हैं. भारत ने 2010 में दिल्ली और 2014 में ग्लास्गो में रजत पदक ही जीता था. आस्ट्रेलिया के दबदबे का आलम यह था कि भारत की ओर से गोल पर एक भी गंभीर हमला नहीं देखा गया . दूसरी ओर आस्ट्रेलिया ने मनचाहे अंदाज में गोल दागे और अगर पी आर श्रीजेश गोल के आगे नहीं होते तो हार का अंतर और अधिक होता .

आस्ट्रेलिया ने पहले ही क्वार्टर में दो गोल करके अपने तेवर जाहिर कर दिये थे . उसे चौथे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन जेरेमी हैवर्ड के शॉट को श्रीजेश ने बचा लिया . आठवें मिनट में मिला पेनल्टी कॉर्नर बेकार जाने के बाद अगले मिनट में ब्लैक गोवर्स ने पेनल्टी तब्दील करके टीम को बढत दिलाई. दूसरा गोल नाथन ने 14वें मिनट में दागकर आस्ट्रेलिया की बढत दुगुनी कर दी .

दूसरे क्वार्टर में 22वें मिनट में आस्ट्रेलिया को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से दूसरे पर हैवर्ड ने गोल दागा. भारत को जवाबी हमले में 24वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन आकाशदीप ंिसह का निशाना नहीं लगा. आस्ट्रेलिया के लिये 26वें मिनट में विकहैम और 27वें मिनट में एंडरसन ने गोल दागे . हाफटाइम तक आस्ट्रेलिया के पास 5 . 0 की बढत थी . दूसरे हाफ में भारत ने खेल में कुछ सुधार किया लेकिन गोल फिर भी नहीं हो सका.

तीसरे क्वार्टर में आस्ट्रेलियाई गोल पर भारत की ओर से एकमात्र हमला 38वें मिनट में अभिषेक ने किया लेकिन आस्ट्रेलियाई डिफेंस ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया . नाथन ने इस बीच 42वें मिनट में एक और गोल करके आस्ट्रेलिया की बढत 6 . 0 की कर दी .
आखिरी क्वार्टर के पहले ही मिनट में ओगिलवी ने गोल करके बढत में इजाफा किया . इस बीच नीलाकांता शर्मा और हरमनप्रीत ंिसह के एकल प्रयास नाकाम रहे . जोहान डर्स्ट ने 51वें मिनट में गोल किया लेकिन भारतीय टीम के रेफरल पर उसे अमान्य करार दिया गया और भारत 8 . 0 की कहानी के दोहराव से येन केन बच गया .

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