मणिपुर में हिंसा के कारण जनता के दर्द से अवगत, सरकार सद्भाव बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध : मुर्मू

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 11 Dec 2025 08:59 PM
मणिपुर में हिंसा के कारण जनता के दर्द से अवगत, सरकार सद्भाव बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध : मुर्मू

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इंफाल. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह जातीय हिंसा के कारण मणिपुर के लोगों के दर्द से अवगत हैं और आश्वासन दिया कि सरकार सद्भाव को मजबूत करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. राज्य को दृढ़ता और साहस की धरती बताते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि मणिपुर के लोगों ने खेल, रक्षा, कला-संस्कृति और लोकसेवा जैसे विविध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देकर राष्ट्र को समृद्ध बनाया है. यह राष्ट्रपति मुर्मू का भारत की राष्ट्रपति बनने के बाद राज्य का पहला दौरा है.

एक नागरिक अभिनंदन समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे उस पीड़ा का आभास है, जिससे मणिपुर के लोग दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा के बाद गुजरे हैं. मैं आपको आश्वस्त करना चाहती हूं कि आपकी ंिचताओं का समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.” मई 2023 से लेकर अब तक मेइती और कुकी समुदायों के बीच हुए संघर्षों में कम से कम 260 लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए. राज्य में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है.

राष्ट्रपति ने कहा, “मेरी सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है. भारत सरकार सद्भाव को मजबूत करने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और मणिपुर को स्थिरता और समृद्धि की राह पर आगे बढ़ने में सहयोग देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.” उन्होंने आगे कहा कि राज्य की घाटियां और पहाड़ियां प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हैं. मुर्मू ने कहा कि मणिपुर के लोग प्रतिभाशाली और मेहनती हैं, और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि घाटी और पहाड़ियों के समुदाय नए सामंजस्य के साथ एकजुट रहेंगे और समृद्धि और खुशी की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होंगे.

उन्होंने कहा, “मैं मणिपुर के लोगों से सद्भाव और विकास में उनका सहयोग जारी रखने का आग्रह करती हूं. आइए हम सब मिलकर मणिपुर को मजबूत बनाएं, जहां हर बच्चा सुरक्षित महसूस करे, हर महिला सशक्त महसूस करे, हर समुदाय समावेशित महसूस करे और हर नागरिक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़े.” मुर्मू ने कहा कि उन्होंने कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया है जिनसे मणिपुर के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा. इससे पहले, राष्ट्रपति ने 1,180 करोड़ रुपये की लागत वाली 14 परियोजनाओं की आधारशिला रखी और 207 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 परियोजनाओं का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास, कृषि, बिजली, पेयजल, शिक्षा और खेल जैसे विविध क्षेत्रों में ये परियोजनाएं आधुनिक और समावेशी मणिपुर के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं.

राष्ट्रपति ने कहा, “आज जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है, उनमें पर्यटन, बिजली, पेयजल, सुरक्षा, प्रशासन और खेल सहित कई क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं. इन परियोजनाओं से रोजगार सृजित होगा, बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी.” उन्होंने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में, भारत सरकार द्वारा संपर्कता, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, शिक्षा और ग्रामीण विकास के लिए उठाए गए कई कदमों से लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार आया है.” मुर्मू ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि विकास का लाभ राज्य के हर कोने तक पहुंचें.

नुपी लाल यानी ‘महिलाओं के युद्ध’ के विषय पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि मणिपुर की वीर महिलाओं ने 20वीं शताब्दी के आरंभिक दशकों में दो बार युद्ध छेड़ा. नुपी लाल से तात्पर्य मणिपुर में महिलाओं द्वारा चलाए गए दो आंदोलनों से है झ्र 1904 और 1939 में झ्र जिनमें ब्रिटिश औपनिवेशिक आर्थिक नीतियों का विरोध किया गया और सुधारों की मांग की गई. राष्ट्रपति ने कहा कि वह शुक्रवार को ‘नुपी लाल मेमोरियल कॉम्प्लेक्स’ में पुष्पांजलि अर्पित करेंगी.

उन्होंने कहा, “मैं उन बहादुर महिला योद्धाओं को सलाम करती हूं. वे हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं.” राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता संग्राम में मणिपुर के योगदान पर भी प्रकाश डाला और उल्लेख किया कि भारतीय ध्वज को पहली बार 1944 में आजाद हिंद फौज के सैनिकों द्वारा मोइरांग में फहराया गया था.

By Yogesh Kumar Sahu