ढाका. बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में अवामी लीग के एक नेता के घर में तोड़फोड़ के दौरान एक छात्र समूह के कार्यकर्ताओं पर हुए हिंसक हमले के बाद 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी दी गई है.
इस हमले में कई लोग घायल हो गए. मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस की सरकार ने शुक्रवार रात गाजीपुर जिले में छात्रों और आम लोगों पर हुए हमले के बाद शनिवार को “ऑपरेशन डेविल हंट” का आदेश दिया था.
‘यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश’ की खबर के अनुसार, गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) चौधरी जाबेर सादिक ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न हिस्सों से 40 लोगों को पकड़ा गया है. देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के सभी चिह्नों को शुक्रवार की रात नष्ट करने और तोड़फोड़ करने वाली भीड़ के कम से कम 14 लोग गाजीपुर शहर के दक्षिणखान इलाके में हमले की चपेट में आकर घायल हो गए. यह हिंसा पूर्व मुक्ति संग्राम मामलों के मंत्री मोजम्मेल हक के आवास पर हमले के दौरान हुई थी.
इस घटना के बाद घायलों को तुरंत इलाज के लिए शहीद ताजुद्दीन अहमद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में उनमें से कुछ को ढाका मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया था. ‘एंटी-डि्क्रिरमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट’ और राष्ट्रीय नागरिक समिति ने इस घटना के विरोध में गाजीपुर में एक दिवसीय प्रदर्शन और रैली का आयोजन किया था. प्रदर्शन के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे उपायुक्त कार्यालय के सामने बदमाशों द्वारा की गई गोलीबारी में एक छात्र घायल हो गया.
मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गहन निगरानी रखने के लिए स्थापित किए गए कमांड सेंटर ने आज शाम से काम करना शुरू कर दिया है. बांग्लादेश की सरकारी न्यूज एजेंसी बीएसएस ने आलम के हवाले से कहा, ”ऑपरेशन डेविल हंट कल से शुरू हो गया है…कानून लागू करने वाली एजेंसियों के कामों में समन्वय स्थापित करने के लिए कमांड सेंटर ने आज शाम छह बजे से अपना काम करना शुरू कर दिया है.” आलम ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सदस्य और सशस्त्र बलों के प्रतिनिधि कमांड सेंटर पर काम करेंगे.
उन्होंने कहा, ”हमें उम्मीद है कि इस सेंटर की स्थापना के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार होगा और किसी भी खतरे पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी.” यूनुस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गहन निगरानी के लिए एक ‘कमांड सेंटर’ बनाने का तीन फरवरी को आदेश दिया था. इस बीच, गृह मामलों के सलाहकार मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी ने कहा कि कि ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ के जरिये उन लोगों पर कार्रवाई की जाएगी, जो देश को अस्थिर करना चाहते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि ”शैतानों” को सजा नहीं मिल जाती.
इस ऑपरेशन में बांग्लादेश की सेना, वायु सेना और नौसेना के साथ-साथ पुलिस, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश, अंसार और तटरक्षक बल के सदस्य शामिल हैं. जहांगीर ने ऑपरेशन के लक्ष्यों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ”शैतान का क्या मतलब है? इसका मतलब बुरी ताकतों से है. यह ऑपरेशन उन लोगों के खिलाफ है जो देश को अस्थिर करने, कानून तोड़ने, आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने और आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं.” सेना के पूर्व अधिकारी जहांगीर ने कहा कि गाजीपुर में छात्रों पर हुए हालिया हमलों में शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.
उन्होंने कहा, ”जिम्मेदार लोगों में से कई व्यक्तियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. जो लोग अभी तक नहीं पकड़े गए हैं उन्हें भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें अधिकतम सजा मिले.” ‘एंटी-डि्क्रिरमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट’ के नेताओं ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ता पूर्व मंत्री के घर लूटपाट रोकने गए थे, लेकिन बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया.