बैंकों का बीते वित्त वर्ष मजबूत प्रदर्शन, सकल एनपीए कई दशकों के न्यूनतम स्तर पर

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 29 Dec 2025 08:05 PM
बैंकों का बीते वित्त वर्ष मजबूत प्रदर्शन, सकल एनपीए कई दशकों के न्यूनतम स्तर पर

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मुंबई. वाणिज्यिक बैंकों का प्रदर्शन वित्त वर्ष 2024-25 में मजबूत बना रहा और मार्च के अंत तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (जीएनपीए) का अनुपात घटकर 2.2 प्रतिशत पर आ गया. यह कई दशकों का न्यूनतम स्तर है. भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी.

‘भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति और प्रगति 2024-25’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया कि 2024-25 के दौरान बैंकिंग क्षेत्र अच्छा बना रहा, जिसे मजबूत बहीखाते, लगातार लाभप्रदता और बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता का समर्थन मिला. बैंक ऋण और जमा वृद्धि दहाई अंकों में बनी रही, हालांकि इसमें कुछ नरमी देखी गई. सभी बैंक समूहों में पूंजी और नकदी बफर नियामकीय आवश्यकताओं से काफी ऊपर बने रहे.

रिपोर्ट में कहा गया, ”बैंकिंग क्षेत्र के मजबूत बुनियाद जोखिमों के खिलाफ एक सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं, जो विवेकपूर्ण विनियमन के साथ मिलकर लगातार ऋण प्रवाह के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाते हैं.” इसमें यह भी कहा गया कि 2024-25 में वाणिज्यिक बैंकों का शुद्ध लाभ बढ़ा, हालांकि इसकी गति पिछले वर्ष की तुलना में धीमी रही.

सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का कुल शुद्ध लाभ 2024-25 में सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत बढ़कर 4.01 लाख करोड़ रुपये हो गया. वित्त वर्ष 2023-24 में इनका लाभ 32.8 प्रतिशत बढ़कर लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये था. आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की लाभप्रदता मजबूत बनी रही, जिसमें परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (आरओए) 1.4 प्रतिशत और इक्विटी पर प्रतिफल (आरओई) 13.5 प्रतिशत रहा.

By Yogesh Kumar Sahu