बेंगलुरु. कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने बृहस्पतिवार को भाजपा पर चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई भगदड़ को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया और आश्वासन दिया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि स्टेडियम के बाहर भगदड़ मचने के बावजूद इसके अंदर जश्न जारी रहा.
पाटिल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”मुझे लगता है कि बाहर जो कुछ हो रहा था, इसकी जानकारी अंदर (चिन्नास्वामी स्टेडियम) बैठे लोगों को नहीं थी. कोई भी संवेदनशील और जिम्मेदार व्यक्ति ऐसा नहीं करेगा. जब उन्हें पता चला कि भगदड़ मच गई है और बाहर स्थिति बहुत गंभीर है, तो तुरंत ही इसका समापन कर दिया गया. इसलिए भाजपा को इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए.” भगदड़ में हुई मौतों से चिंतित और दुखी मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने पर है और जरूरत पड़ने पर उन्हें निजी अस्पतालों में भी उपचार उपलब्ध कराया जाएगा.
पाटिल ने आश्वासन दिया, ह्लहमारा ध्यान उन्हें सर्वोत्तम उपचार देने पर है, यदि आवश्यकता हुई तो हम उन्हें सर्वोत्तम निजी अस्पतालों में भी उपचार उपलब्ध कराएंगे और मानवता के अनुसार कार्य करेंगे. अब भाजपा इस मामले में भी राजनीति करना चाहती है और हम इसमें कुछ नहीं कर सकते. लेकिन साथ ही हमें खामियों पर भी गौर करना चाहिए. चाहे कोई भी हो और चाहे वह कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, 15 दिन में सारी गड़बड़ियां उजागर हो जाएंगी…और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
कर्नाटक सरकार बड़े आयोजनों के लिए नयी एसओपी तैयार करेगी: गृहमंत्री
राज्य के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने बृहस्पतिवार को बताया कि कर्नाटक सरकार बड़े आयोजनों, सभाओं और जश्न के लिए एक नयी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेगी ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके. यह कदम बुधवार को एम चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम के पास मची भगदड़ की घटना के बाद उठाया गया है जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी.
मंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु’ (आरसीबी) टीम की आईपीएल जीत के जश्न में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि सरकार उन खामियों का पता लगाएगी जिनकी वजह से यह हादसा हुआ. उन्होंने बताया कि इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई है और 56 घायल हुए है. इनमें से 46 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 10 अस्पताल में भर्ती है. चिकित्सकों के अनुसार, इन दस लोगों की स्थिति गंभीर नहीं है.
मंत्री ने कहा, “ऐसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से सरकार और गृह विभाग एक नयी एसओपी तैयार करेंगे. अब से कोई भी बड़ा आयोजन या समारोह पुलिस विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा.” उन्होंने कहा कि नया एसओपी इस तरह से बनाया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
मंत्री ने कहा, “जान गंवाने की ऐसी अप्रिय घटनाएं नहीं होनी चाहिए, मासूमों की जान नहीं जानी चाहिए. शवों को देखना सभी के लिए पीड़ादायक होता है. कई युवा 20-25 वर्ष की आयु के थे. वे जश्न मनाने आए थे, उन्हें क्या पता था कि यह उनकी आखिरी शाम होगी. हम व्यवस्था की खामियों की पहचान कर सख्त कदम उठाएंगे.” मंत्री ने कहा कि राज्य के क्रिकेट इतिहास में ऐसी घटना कभी नहीं हुई.
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को बैठक की थी और इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. जांच का नेतृत्व बेंगलुरु शहर के उपायुक्त करेंगे.
मंत्री ने कहा, “यदि कोई लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मैं अभी मामले के विस्तार में नहीं जाना चाहता क्योंकि जांच चल रही है.” सरकार द्वारा पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाने और उनकी ओर से चूक के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में गृह मंत्री ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं कि आरसीबी की जीत के लिए मंगलवार की पूरी रात बेंगलुरु की सड़कों पर जश्न मनाया गया. फिर सुबह (बुधवार को) जश्न का माहौल (टीम के शहर में उतरने के साथ) बनाया गया…एक तरह से पूरा समुदाय जश्न के उन्माद में था.” उन्होंने कहा, “किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि स्टेडियम में 30000 लोगों की कुल क्षमता के मुकाबले करीब तीन लाख लोग आएंगे. बेंगलुरू मेट्रो से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रात 11 बजे तक करीब 8.7 लाख लोगों ने आवागमन किया. आप कल्पना कर सकते हैं कि कितनी भीड़ आई होगी.” मंत्री ने कहा कि वह स्टेडियम के निकट घटनास्थल का दौरा करेंगे और आरसीबी तथा कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा करेंगे.
घटना के संबंध में कथित तौर पर प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “किसी भी तकनीकी बात पर मैं पुलिस आयुक्त और महानिदेशक से चर्चा करूंगा.” यह पूछे जाने पर कि मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा, मंत्री ने कहा कि चूक के बारे में पता चलने पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है. इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि सरकार ने जल्दबाजी में कार्यक्रम आयोजित करने के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों के सुझावों की अनदेखी की, उन्होंने कहा, “ऐसे दावे किए जा रहे हैं, देखते हैं किसने और कब कहा.”