
पटना. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में बृहस्पतिवार को आयोजित एक जनसभा में सत्तारूढ़ भाजपा-जदयू गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि राज्य के युवाओं ने ”राजग को सत्ता से बाहर करने और एक ऐसे मुख्यमंत्री को चुनने का मन बना लिया है जो जुमला नहीं, बल्कि रोजगार देगा”.
अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनावों में विपक्षी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया गठबंधन) उम्मीदवारों के पक्ष में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि राज्य के लोगों का रुख ‘सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खिलाफ” है.
उन्होंने कहा, ”आधा बिहार मतदान कर रहा है, आधा अपनी बारी का इंतज़ार कर रहा है. पूरा बिहार बस एक ही संदेश दे रहा है. इस बार युवा राजग को सत्ता से बेदखल कर ऐसा मुख्यमंत्री चुनेंगे जो जुमलेबाज़ नहीं, रोजगार देगा और इस बार बिहार भाजपा की हार लिखेगा.” सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी दल ‘रोजगार उपलब्ध कराने, मुद्रास्फीति पर काबू पाने और किसानों का कल्याण सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं.” उन्होंने कहा कि लोग जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.
उन्होंने सवाल किया, ” दिल्ली (भाजपा नीत केंद्र सरकार) की 10 साल की सरकार और बिहार की 20 साल की सरकार में, मुझे बताइए कि कितने युवाओं को रोजग़ार मिला? उन्होंने वादा किया था कि किसानों की आय दोगुनी कर दी जाएगी. क्या किसी की आय दोगुनी हुई?” अखिलेश यादव के इस सवाल पर भीड़ ने ज़ोर से ‘नहीं’ में जवाब दिया.
सपा प्रमुख ने भाजपा नेताओं के विकास के दावों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में दिल्ली के एक प्रोफेसर को गोरखपुर से दूर-दराज के इलाकों तक एक्सप्रेसवे बनाए जाने के बारे में बात करते सुना. उन्होंने कहा, ”हम उत्तर प्रदेश से आ रहे हैं. हमने ऐसा कोई एक्सप्रेसवे नहीं देखा. मुझे लगता है कि वे हवा में एक्सप्रेसवे बना रहे हैं.” उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए कहा,”उनके पास एक ‘सी’ टीम है, निर्वाचन आयोग वाली पार्टी. एक ‘पी’ टीम है, एक और पार्टी, जो उन्हें वोट चुराने में मदद करती है. इसलिए ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करें.” उनका इशारा प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की ओर था.
सपा प्रमुख ने केंद्र और बिहार में राजग शासन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की ‘बढ़ती’ कीमतों की तीखी आलोचना की. यादव ने ‘एकरंगी’ शब्द का भी प्रयोग किया, जिसका प्रयोग वह उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधने के लिए करते रहे हैं. योगी आदित्यनाथ हमेशा भगवा वस्त्र पहनते हैं.
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया, ”अगर युवा गूगल पर ‘एकरंगी’ का मतलब खोजेंगे, तो उन्हें समझ आ जाएगा कि मैं इस शब्द को क्यों नहीं दोहराना चाहता. वे समाज को बांट रहे हैं, लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं और सपने बेच रहे हैं.” उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिए बिना दावा किया कि उन्हें पता है कि राजग उन्हें एक और कार्यकाल के लिए समर्थन नहीं देगा.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, ”उन्हें एहसास हो गया है कि कोई उन्हें माला नहीं पहनाने वाला. इसलिए उन्होंने दूसरों को माला पहनाना शुरू कर दिया है.” यादव ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन ‘बिहार के बजट की लूट’ पर रोक लगाएगा. उन्होंने कहा, ”जब भाजपा सत्ता से हटेगी, तो नौकरियां आएंगी. बिहार का पैसा राज्य पर खर्च किया जाएगा.” सपा अध्यक्ष ने राजद नेता तेजस्वी यादव और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) प्रमुख मुकेश सहनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिहार की राजनीति का अगला चरण ”युवा नेतृत्व” से आकार लेगा.
उन्होंने पूर्वी चंपारण की चुनावी जनसभा में कहा, ”तेजस्वी की मदद कीजिए. बिहार को एक युवा मुख्यमंत्री चाहिए, और जब बिहार बदलेगा, तो देश को एक नया संदेश जाएगा. आप बिहार बदलिए, हम उत्तर प्रदेश बदलेंगे.” अखिलेश यादव बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन उम्मीदवारों के समर्थन में पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी में कई और जनसभाओं को संबोधित करेंगे.



