बीजद, कांग्रेस ने ओडिशा विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण का किया बहिष्कार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 22 Jul 2024 08:37 PM
बीजद, कांग्रेस ने ओडिशा विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण का किया बहिष्कार
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भुवनेश्वर. ओडिशा की 17वीं विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत सोमवार को हंगामे के साथ हुई और विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) तथा कांग्रेस दोनों ने राज्यपाल रघुबर दास के अभिभाषण का बहिष्कार किया. विपक्ष ने दास के बेटे पर पुरी में राजभवन के एक अधिकारी से मारपीट करने के आरोपों के बावजूद उस पर कथित तौर पर कार्रवाई न करने को लेकर राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया.

जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष के नेता और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक की अगुवाई में उनकी पार्टी के विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया. बीजद सदस्यों के बाद कांग्रेस विधायकों ने भी पार्टी के विधायक दल के नेता राम चंद्र कदम के नेतृत्व में सदन से बहिर्गमन कर दिया. विपक्षी दलों ने दास के बेटे द्वारा एक सरकारी सेवक से कथित तौर पर मारपीट करने को लेकर राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया.

विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में पटनायक ने कहा, ”मेरी पार्टी और मैं यह देखकर निराश और आश्चर्यचकित हैं कि वर्तमान सरकार ने राज्यपाल के बेटे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिसने एक सरकारी अधिकारी के साथ हिंसा की थी. हम इससे काफी स्तब्ध हैं. ऐसा लगता है कि हमारे राज्य में कानून व व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो गयी है.”

उन्होंने कहा, ”जब मैं सरकार में था तो मंत्री, विधायक, सांसद या सरकारी सेवक कानून तोड़ते थे, तो तुरंत कार्रवाई होती थी. राज्य सरकार को कानून के मुताबिक काम करना चाहिए. इस वजह से सत्र की शुरुआत में मेरी पार्टी के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया.” वहीं, कांग्रेस ने कहा कि उड़िया ‘अस्मिता’ (गौरव) को ठेस पहुंची है, क्योंकि उड़िया भाषी अधिकारी से गैर-उड़िया भाषी राज्यपाल के बेटे ने कथित तौर पर मारपीट की है.

पार्टी के विधायक ताराप्रसाद बाहिनीपति ने कहा, ”राज्यपाल के बेटे, जो गैर-उड़िया है, ने एक उड़िया भाषी अधिकारी के साथ मारपीट की है. राज्यपाल ने इस संबंध में अभी तक कार्रवाई नहीं की है, जबकि उन्हें तुरंत सूचित किया गया था. दास ने सात दिन के भीतर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया था. लेकिन, अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. जब राज्यपाल हिंदी में अपना भाषण पढ़ रहे थे, तो भाजपा की उड़िया ‘अस्मिता’ कहां थी?”

राज्यपाल के बेटे ललित कुमार ने पुरी में सात जुलाई को ओडिशा राज भवन के सहायक अनुभाग अधिकारी (एएसओ) से कथित तौर पर उस समय मारपीट की थी, जब वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के लिए ड्यूटी पर तैनात थे. एएसओ का अब गृह विभाग में तबादला कर दिया गया है. पुरी में अगले दिन सी बीच पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज करायी गयी, लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

बहरहाल, बाद में विपक्षी सदस्यों ने उस समय विधानसभा की कार्यवाही में भाग लिया, जब सदन ने ओडिशा के पूर्व राज्यपाल मुरलीधर चंद्रकांत भंडारे, पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री सुरेंद्र नाथ नाइक, दामोदर राउत, दंबरुधर उलाका, कमला दास और पूर्व सदस्यों वी. सुगनना कुमारी देव और आदित्य माधी, पद्मश्री से सम्मानित जैविक खेती करनी वाली कमला पुजारी और नक्सली हमले में मारे गए कांस्टेबल हिमांशु शेखर रथ को श्रद्धांजलि दी.

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, विपक्ष के नेता नवीन पटनायक, कांग्रेस विधायक दल के नेता राम चंद्र कदम और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता लक्ष्मण मुंडा श्रद्धांजलि के वक्त सदन में उपस्थित रहे. बाद में विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने मंगलवार तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. पाढ़ी ने बताया कि सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे फिर शुरू होगी.

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