भाजपा के बुजुर्गों के साथ ‘विश्वासघात’ के खिलाफ अभियान चलाएगी बीजद : पटनायक

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 12 Aug 2024 07:23 PM
भाजपा के बुजुर्गों के साथ ‘विश्वासघात’ के खिलाफ अभियान चलाएगी बीजद : पटनायक
ऑडियो सुनें

भुवनेश्वर. बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी वृद्धावस्था पेंशन योजना के संबंध में कथित “विश्वासघात” को उजागर करने के लिए 16 अगस्त से ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू करेगी.

पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बीजद 16 अगस्त से राज्यव्यापी जागरूकता अभियान शुरू करेगा. यह अभियान राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में चलाया जाएगा. बीजद बुजुर्गों के अधिकारों के लिए लड़ेगी. सभी पार्टी कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक अभियान में शामिल होंगे और लोगों को भाजपा के विश्वासघात के बारे में जागरूक करेंगे.” पटनायक ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि वह अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है, जिसमें उसने बुजुर्गों, दिव्यांगों, विधवाओं और निराश्रितों के लिए 3,000 से 3,500 रुपये तक का सामाजिक सुरक्षा भत्ता देने का वादा किया था.

उन्होंने कहा कि इसके बजाय बजट में केवल 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों या 80 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों को ही बढ़े हुए भत्ते दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्ज होने के बावजूद उसने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं, जिससे व्यापक असंतोष फैल रहा है. पटनायक ने इस बात पर जोर दिया कि बीजद ओडिशा के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए भाजपा पर दबाव बनाने के वास्ते अपना अभियान जारी रखेगी.

पूर्व मुख्यमंत्री पटनायक ने कलिंग पुरस्कार को समर्थन जारी रखने के लिए सरकार को लिखा पत्र

ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने सोमवार को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार ‘यूनेस्को कलिंग पुरस्कार’ के लिए समर्थन जारी रखने का आग्रह किया. उन्होंने कथित रूप से केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के समर्थन वापस लेने के फैसले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि 2002 में पुरस्कार की 50वीं वर्षगांठ के बाद केंद्र सरकार, ओडिशा सरकार और कलिंग फाउंडेशन ट्रस्ट के बीच लागत-साझाकरण व्यवस्था बनाई गई थी.

उन्होंने कहा, “मुझे यह जानकर बेहद दुख हुआ कि भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस पुरस्कार को दिया जाने वाला समर्थन बंद करने का फैसला किया है.” पटनायक ने सिंह से आग्रह किया कि वह यूनेस्को कलिंग पुरस्कार को जारी रखने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें और इसे ओडिशा के लोगों के लिए एक विरासत और गौरव के प्रतीक के रूप में संरक्षित रखें.
वर्ष 1952 में बीजू पटनायक ने इस पुरस्कार की स्थापना कलिंग फाउंडेशन ट्रस्ट से 1,000 पाउंड के अनुदान के साथ की थी.

उन्होंने बताया कि अब तक 72 वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार दिया जा चुका है, जिनमें लुई डी ब्रोगिल, जूलियन हक्सले, बट्र्रेंड रसेल, कार्ल वॉन फ्रिस्क, आर्थर सी क्लार्क, फ्रेड हॉयल और सर्गेई कपित्जा जैसे सात नोबेल पुरस्कार विजेता भी शामिल हैं. पटनायक ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह पुरस्कार विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए भारत का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है और वैश्विक मंच पर उडिया पहचान का प्रतीक है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार न केवल ‘राज्य गौरव’ का प्रतीक है बल्कि इसने वैश्विक स्तर पर राष्ट्रों के बीच स्वतंत्र भारत के लिए एक विरासत के रूप में खुद को स्थापित किया है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu