
चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य का विपक्षी भाजपा-अन्नाद्रमुक गठबंधन लोगों के ”मतदान के अधिकार छीनकर” और एसआईआर के जरिये चुनाव जीतने की कोशिश कर रहा है. स्टालिन का बयान ऐसे समय आया है जब निर्वाचन आयोग ने अगले महीने से तमिलनाडु में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने की घोषणा की है.
राज्य में सत्तारूढ. द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में निर्वाचन आयोग की उस घोषणा की ओर ध्यान दिलाया कि अगले महीने से तमिलनाडु में एसआईआर लागू किया जाएगा. साथ ही उन्होंने बिहार में निर्वाचन आयोग की इस कवायद से उत्पन्न विवाद का भी जिक्र किया,जिसमें उनके मुताबिक ”65 लाख लोगों ने अपना मताधिकार खो दिया.” उन्होंने कहा कि विपक्षी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया गठबंधन) और उसका प्रमुख घटक द्रमुक चेतावनी दे रहा है कि चुनावी लाभ के लिए तमिलनाडु में भी एसआईआर का इस्तेमाल किया जाएगा.
स्टालिन ने कहा, ”भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) और उसकी सहयोगी अन्नाद्रमुक (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम) का आकलन है कि वे एसआईआर के माध्यम से श्रमिक वर्ग के लोगों, अनुसूचित जातियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के नाम हटाकर (2026 के विधानसभा चुनाव) जीत सकते हैं.” उन्होंने कहा, ”जिन लोगों में चुनावी मैदान में लोगों का सामना करने की ताकत नहीं है और जो यह सोच रहे हैं कि वे लोगों के मताधिकार छीनकर जीत सकते हैं – जहां तक ??तमिलनाडु का सवाल है, यह केवल एक गलत आकलन ही साबित होगा.” स्टालिन ने कहा कि द्रमुक एसआईआर का विरोध कर रही है और मतदाता सूची के संबंध में पर्याप्त समय देकर अन्य लोकतांत्रिक उपायों का समर्थन कर रही है.
उन्होंने कहा, ” द्रमुक कानूनी रूप से किसी भी अन्य अलोकतांत्रिक कदम का सामना करने में सक्षम है और लोगों के साथ मिलकर उनका मुकाबला करेगी.” अन्नाद्रमुक प्रमुख और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एडप्पादी के पलानीस्वामी पर निशाना साधते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि वह राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं. द्रमुक अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री लोगों की मदद करने या कुछ भी रचनात्मक करने के लिए उत्सुक नहीं थे. धान खरीद को लेकर सरकार पर उनके आरोप ”झूठे” साबित हो गए हैं.
मुख्यमंत्री स्टालिन पूर्णकालिक फिल्म समीक्षक बन गए हैं : पलानीस्वामी
अन्नाद्रमुक महासचिव और तमिलनाडु में विपक्ष के नेता ए के पलानीस्वामी ने रविवार को मानसून से संबंधित मुद्दों से निपटने के सरकार के तरीके को लेकर मुख्यमंत्री एम के स्टालिन पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री पर ”पूर्णकालिक फिल्म समीक्षक” बनने का आरोप लगाया.
पलानीस्वामी भारी मानसूनी बारिश के कारण राज्य में फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते रहे हैं. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हाल ही में जब उन्होंने धान की फसल अपने हाथों में ली, तो उन्हें किसानों का दर्द महसूस हुआ, जिसे बयां करना संभव नहीं है.
पलानीस्वामी ने स्टालिन के हाल ही में तमिल फिल्म ‘बाइसन’ देखने और इसके निर्देशक तथा टीम को बधाई देने का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ”लेकिन जिन हाथों को इस धान को थामने की जरूरत है, वे फिल्मी कलाकारों का हाथ थम रहे हैं.” हालांकि, पलानीस्वामी ने कहा कि फिल्म देखने या प्रतिभाशाली फिल्म कलाकारों की प्रशंसा करने में कुछ भी गलत नहीं है, ”लेकिन, यह भूलकर कि वह मुख्यमंत्री क्यों बने, ‘कठपुतली मुख्यमंत्री’ पूर्णकालिक फिल्म समीक्षक बन गए हैं और यह चिंता का विषय है.” उन्होंने कहा कि स्टालिन कुछ समय पहले सफाई कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान रजनीकांत अभिनीत फिल्म ‘कुली’ देख रहे थे.



