
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘डेड इकोनॉमी’ (बर्बाद अर्थव्यवस्था) वाले कटाक्ष को दोहराने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बृहस्पतिवार को आलोचना की और इसे देश के लोगों की आकांक्षाओं, उपलब्धियों और कल्याण का “शर्मनाक” तिरस्कार बताया. पार्टी ने राहुल से सवाल किया कि वह देश के हितों को कमजोर करने वाले विदेशी दुष्प्रचार को “क्यों दोहराते” हैं.
भाजपा की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब राहुल ने केंद्र सरकार पर देश की आर्थिक नीति, रक्षा नीति और विदेश नीति को तबाह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को छोड़कर हर कोई जानता है कि भारत एक “बर्बाद अर्थव्यवस्था” है.
ट्रंप ने भारत और रूस के बीच दोस्ताना संबंधों को लेकर दोनों देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि नयी दिल्ली और मॉस्को मिलकर अपनी “बर्बाद अर्थव्यवस्थाओं” को गर्त में ले जा सकते हैं. उन्होंने यह टिप्पणी भारत के खिलाफ 25 फीसदी शुल्क लगाने और रूस के साथ व्यापार के लिए उस पर “जुर्माना” थोपने की घोषणा करने के कुछ घंटों बाद की.
कांग्रेस नेता की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “राहुल गांधी ‘डेड इकोनॉमी’ वाला कटाक्ष दोहराकर और निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. यह भारतीय जनता की आकांक्षाओं, उपलब्धियों और कल्याण का शर्मनाक तिरस्कार है.” उन्होंने लिखा, “लेकिन ईमानदारी से कहें, तो यहां वास्तव में केवल एक ही चीज ‘डेड’ है और वह है राहुल गांधी की राजनीतिक विश्वसनीयता और विरासत.” मालवीय ने विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि दर्शाने वाले आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, “यह ‘बर्बाद अर्थव्यवस्था’ नहीं है. यह एक उभरता हुआ, लचीला भारत है.” उन्होंने दावा किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक ने देश के लिए अपने विकास अनुमानों को संशोधित किया है.
मालवीय ने कहा कि भारत के आर्थिक उत्थान को कमतर आंकने की राहुल की “लगातार जारी कोशिशें” सिर्फ “राजनीतिक प्रहार” भर नहीं हैं, बल्कि ये बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए कड़ी मेहनत कर रहे 140 करोड़ भारतीयों का “सीधा अपमान” हैं. उन्होंने सवाल किया, “राहुल गांधी असल में किसकी तरफ से बोल रहे हैं? वह भारत के हितों को कमजोर करने वाले विदेशी दुष्प्रचार को क्यों दोहराते हैं?” मालवीय ने कहा, “यह नेहरू-गांधी परिवार की गहराई से समाई हुई हीन भावना को त्यागने का समय है, जिसने भारत को दशकों तक निम्न महत्वाकांक्षा और विदेशी तुष्टीकरण की जंजीरों में जकड़े रखा है.” उन्होंने कहा, “अब और नहीं. ‘न्यू इंडिया’ खुद पर भरोसा करता है—भले ही राहुल गांधी कभी न करें.” भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत विरोधी बयान देना राहुल की “मानसिकता” बन गया है. उन्होंने आरोप लगाया, “दुनिया में जब भी कोई भारत विरोधी बयान देता है, तो वह (राहुल) उसे लपक लेते हैं.”
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ‘बर्बाद अर्थव्यवस्था’ वाली टिप्पणी के लिए ट्रंप पर पलटवार किया
शिवसेना (उबाठा) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इसे बर्बाद करार देना केवल ‘अहंकार’ या ‘अज्ञानता’ की स्थिति का परिचायक है. उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क और जुर्माना लगाने की घोषणा और भारत तथा रूस को ‘बर्बाद अर्थव्यवस्था’ वाला देश करार दिये जाने के बाद आई है.
चतुर्वेदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”यह कहने की जरूरत नहीं है कि पर्याप्त वैध आंकड़े उपलब्ध हैं जिससे पता चलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और यह सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. इसे बर्बाद अर्थव्यवस्था कहना केवल अहंकार या अज्ञानता की स्थिति का परिचायक है. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद.” ट्रंप ने भारत और रूस के घनिष्ठ संबंधों पर तीखा हमला किया और कहा कि दोनों देश मिलकर अपनी ‘बर्बाद अर्थव्यवस्थाओं’ को एकसाथ नीचे गिरा सकते हैं. नयी दिल्ली और मॉस्को को लेकर की गई अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ताजा आलोचना भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने और रूस के साथ व्यापार करने के लिए नयी दिल्ली पर ‘जुर्माना’ लगाने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद आई.
ट्रंप ने कहा, ”मुझे इसकी परवाह नहीं कि रूस के साथ भारत क्या करता है. वे अपनी बर्बाद अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ गर्त में ले जा सकते हैं.” उन्होंने आगे कहा, ”हमने भारत के साथ बहुत कम व्यापार किया है, उनके शुल्क बहुत अधिक हैं, दुनिया में सबसे अधिक शुल्क वाले देशों में से एक.” भारतीय अर्थव्यवस्था पर ट्रंप की टिप्पणी का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को छोड़कर सभी जानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था ‘बर्बाद’ हो चुकी है. उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर देश की आर्थिक, रक्षा और विदेश नीतियों को बर्बाद करने का आरोप लगाया.
संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौता होगा और ट्रंप इसे परिभाषित करेंगे, जबकि मोदी वही करेंगे जो अमेरिकी राष्ट्रपति उन्हें करने के लिए कहेंगे. ट्रंप द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘बर्बाद’ बताए जाने के बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा, ”वह सही हैं. प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को छोड़कर हर कोई यह जानता है. हर कोई जानता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक ‘बर्बाद अर्थव्यवस्था’ है. मुझे खुशी है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक तथ्य की बात कही है.”
भारत तेज वृद्धि हासिल करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था, ट्रंप का बयान ‘सरासर अनुचित’: विश्लेषक
विश्लेषकों ने कहा है कि भारत तेज वृद्धि हासिल करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत को ‘मृत अर्थव्यवस्था’ बताना ‘सरासर अनुचित’ है. ऐसे समय जब अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष समेत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में पेश कर रही हैं, ट्रंप का बयान कहीं से भी उचित नहीं कहा जा सकता.
भारत विदेशी निवेश के लिए एक आकर्षक केंद्र बना हुआ है और दुनिया की कई प्रमुख कंपनियां विनिर्माण केंद्र स्थापित करने के लिए इस देश की ओर देख रही हैं. इसके अलावा, भारतीय प्रतिभाओं की विशेष रूप से तकनीकी क्षेत्र में सबसे अधिक मांग है और यह अमेरिका सहित कई देशों को सेवाओं का एक प्रमुख निर्यातक रहा है.
भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क और रूस के साथ व्यापार पर ‘जुर्माना’ लगाने की घोषणा के एक दिन बाद, ट्रंप ने बृहस्पतिवार को एक सोशल मीडिया मंच पर लिखा, ”मुझे परवाह नहीं है कि भारत रूस के साथ क्या करता है. मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे अपनी ‘मृत अर्थव्यवस्थाओं’ को एक साथ कैसे नीचे ले जा सकते हैं.” परामर्श कंपनी ईवाई इंडिया ने भारत के खिलाफ ट्रंप की टिप्पणियों को ‘काफी अनुचित’ बताया और कहा कि वास्तव में, विश्व अर्थव्यवस्था का केंद्र धीरे-धीरे ‘ग्लोबल साउथ’ की ओर स्थानांतरित हो रहा है और जिसके लिए भारत ने खुद को अग्रणी भूमिका में रखा है.
ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डी के श्रीवास्तव ने पीटीआई-भाषा को बताया, ”दूसरी ओर, पूर्व विकसित अर्थव्यवस्थाएं तेजी से उम्रदराज हो रही हैं और इन अर्थव्यवस्थाओं में प्रवासी भारतीयों के योगदान के कारण ही ये अर्थव्यवस्थाएं लगातार सकारात्मक वृद्धि दर्ज कर रही हैं.” उल्लेखनीय है कि अंतररराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यकारी निदेशक मंडल ने फरवरी, 2025 में भारतीय अर्थव्यवस्था के अपने आकलन में ‘अधिकारियों की सूझबूझ वाली वृहद आर्थिक नीतियों और सुधारों’ की सराहना की थी. इन नीतियों ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और एक बार फिर सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान दिया है.
आईएमएफ ने यह भी कहा था कि भारत का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है.
ईवाई के श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे जीवंत और गतिशील है और इसकी आबादी सबसे युवा लोगों में से है. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या सांख्यिकी (2024) के अनुसार, भारत की जनसंख्या की औसत आयु 28.8 वर्ष है, जबकि अमेरिका की 38.5 वर्ष और यूरोप की 42.8 वर्ष है.
श्रीवास्तव ने कहा, ”ये विकसित अर्थव्यवस्थाएं ही हैं जो औसत आयु और विकास की संभावनाओं, दोनों ही दृष्टि से पुरानी पड़ चुकी हैं. इसके अलावा, भारत के पास प्रचुर मानव संसाधन भी हैं जो तकनीकी रूप से कुशल हैं और अंतरिक्ष, एआई (कृत्रिम मेध) और सृजन से जुड़े एआई के भविष्य के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.” आईएमएफ के विश्व आर्थिक परिदृश्य पर अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2025 और 2026 में 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह आईएमएफ के अप्रैल के क्रमश? 6.2 और 6.3 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है.



